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हरतालिका तीज 2018: तस्वीरों में जानिए क्यों खास होता है ये त्योहार

फ़ोटो | FP Staff | Sep 09, 2018 05:15 PM IST
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हरतालिका तीज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. इसे गौरी तृतीया व्रत भी कहते हैं. इस साल ये 12 सितम्बर को मनाई जाएगी

हरतालिका तीज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. इसे गौरी तृतीया व्रत भी कहते हैं. इस साल ये 12 सितम्बर को मनाई जाएगी

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हरतालिका तीज दो शब्दों के मेल से बनी है, हरत यानी हरण और आलिका यानी संखिया. कहते हैं इस दिन माता पार्वती की सहेलियां उनका हरण कर उन्हें जंगल में ले गई थीं. जहां माता पार्वती ने भगवान शिव को वर रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था

हरतालिका तीज दो शब्दों के मेल से बनी है, हरत यानी हरण और आलिका यानी संखिया. कहते हैं इस दिन माता पार्वती की सहेलियां उनका हरण कर उन्हें जंगल में ले गई थीं. जहां माता पार्वती ने भगवान शिव को वर रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था

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इस दिन माता पार्वती जी की आराधना करने से, व्रत रखने से सुहागिन स्त्रियों को अपने सुहाग की लंबी आयु और अविवाहित कन्याओं को मनोवांछित वर प्राप्त होने का वरदान मिलता है

इस दिन माता पार्वती जी की आराधना करने से, व्रत रखने से सुहागिन स्त्रियों को अपने सुहाग की लंबी आयु और अविवाहित कन्याओं को मनोवांछित वर प्राप्त होने का वरदान मिलता है

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हरतालिका तीज के पिछे एक मान्यता यह भी है कि जंगल में स्थित गुफा में जब माता भगवान शिव की कठोर आराधना कर रही थी तो उन्होंने रेत के शिवलिंग को स्थापित किया था

हरतालिका तीज के पिछे एक मान्यता यह भी है कि जंगल में स्थित गुफा में जब माता भगवान शिव की कठोर आराधना कर रही थी तो उन्होंने रेत के शिवलिंग को स्थापित किया था

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मान्यता है कि यह शिवलिंग माता पार्वती के जरिए हस्त नक्षत्र में भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि को स्थापित किया था. इसी कारण इस दिन को हरतालिका तीज के रूप में मनाया जाता है

मान्यता है कि यह शिवलिंग माता पार्वती के जरिए हस्त नक्षत्र में भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि को स्थापित किया था. इसी कारण इस दिन को हरतालिका तीज के रूप में मनाया जाता है

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