S M L

योगी को पहले ही पता चल गया था कि वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे!

किसी जानकारी या खबर को नहीं जानने से ज्यादा मुश्किल काम होता है, जानकारी के बाद भी उसे सिर्फ अपने तक सीमित रखना और वो भी तब जब खुद की जिंदगी के लिए ऐतिहासिक खबर हो

Updated On: May 30, 2018 09:48 PM IST

Vijai Trivedi Vijai Trivedi
वरिष्ठ पत्रकार

0
योगी को पहले ही पता चल गया था कि वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे!

'कौन बनेगा मुख्यमंत्री?' का सवाल उस वक्त भी हवा में तैर रहा था,जब इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चार्टर्ड विमान दोपहर में किसी अहम सवारी के आने का इंतजार कर रहा था. यह जहाज सवेरे गोरखपुर से योगी आदित्यनाथ को दिल्ली लेकर आया था और उसे अगले आदेश का इंतजार करने के लिए कहा गया. किसी जानकारी या खबर को नहीं जानने से ज्यादा मुश्किल काम होता है, जानकारी के बाद भी उसे सिर्फ अपने तक सीमित रखना और वो भी तब जब खुद की जिंदगी के लिए ऐतिहासिक खबर हो.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने योगी आदित्यनाथ को लखनऊ पहुंच कर जिम्मेदारी संभालने का आदेश दिया, लेकिन साथ में सलाह भी कि अभी इस खबर को किसी से साझा नहीं करें. अपने नेता से मुलाकात और आदेश के बाद योगी आदित्यनाथ अपने दिल्ली आवास 19, गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पहुंचे, दोपहर को भोजन लेने से पहले सहयोगी को तुरंत लखनऊ चलने की तैयारी के निर्देश दिए.

एयरपोर्ट तक के रास्ते में दिमाग में बहुत से सवाल चल रहे थे. कुछ सवाल पार्टी को लेकर तो कुछ सवाल नई जिम्मेदारी पर तो कुछ सवाल खुद से भी. एयरपोर्ट पर यूपी बीजेपी के प्रभारी ओमप्रकाश माथुर, अध्यक्ष केशव मौर्य और संगठन सचिव सुनील बंसल अपनी लखनऊ जाने वाली फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे जबकि योगी को चार्टर्ड फ्लाइट से जाना था. योगी ने उन सभी को भी अपने साथ चलने के लिए कहा.

योगी के अलावा किसी को नहीं पता था कौन होगा मुख्यमंत्री

चारों एक साथ उसी जहाज में लखनऊ के लिए सवार हो गए. तीनों नेताओं को विधायक दल की बैठक के लिए जाना था, लेकिन तब भी पता नहीं कि कौन मुख्यमंत्री होगा. लखनऊ पहुंच गए जहां बीजेपी कार्यकर्ताओं का जमावड़ा था, ज्यादातर लोग मौर्य के पक्ष में नारे लगा रहे थे- पूरा यूपी डोला था, केशव केशव बोला था और जन जन की आवाज है, केशव के सिर पर ताज है.

योगी के स्वागत के लिए पांच-सात कार्यकर्ता थे. वेंकैया नायडू और भूपेंद्र यादव सवेरे साढ़े दस बजे ही लखनऊ पहुंच गए थे. मैंने सवेरे भूपेन्द्र जी को भी फोन किया और खबर जाननी चाही, लेकिन उनके जवाब में हमेशा वाली हंसी, और वही जवाब, भाई साहब हम तो कार्यकर्ता हैं, सच में नहीं पता कि किसका नाम है?

लखनऊ के रमाबाई स्थल के मैदान पर धूप चमक रही थी, आसमान साफ था, अगले दिन होने वाले शपथ ग्रहण की तैयारियां तेजी पर थीं. स्वतंत्र देव सिंह और विजय बहादुर पाठक समेत कई नेता निर्देश दे रहे थे, लेकिन असली सवाल पर कुहासा गहरा था कि कौन बनेगा मुख्यमंत्री?

एयरपोर्ट पर जब कार्यकर्ताओं का शोर केशव प्रसाद मौर्य  का मुख्यमंत्री के तौर पर स्वागत कर रहा था, तब योगी आदित्यनाथ एक तरफ से निकल कर लखनऊ में वीवीआईपी गेस्ट हाउस पहुंच गए, तीनों नेता सीधे पार्टी कार्यालय पहुंच गए. तब तक वेंकैया नायडू और भूपेंद्र यादव को दिल्ली से संदेश मिल गया था- विधायक दल की बैठक में योगी को मुख्यमंत्री चुना जाना है. तीनों नेताओं को भी ये संदेश बता दिया गया. तब वे लोग योगी से मिलने गेस्ट हाउस पहुंचे और उसके बाद लोकभवन में विधायक दल की बैठक के लिए रवाना हो गए.

(लेखक ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर 'यदा यदा हि योगी' किताब लिखी है. यह उसी का सारांश है)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi