live
S M L

अलविदा 2016: देश की बड़ी खबरें जो बनीं सुर्खियां

साल 2016 देश की कई बड़ी घटनाओं का गवाह बना. कई गुजरे हुए लम्हें अचानक सुर्खियों में तब्दील हो गए.

Updated On: Dec 30, 2016 08:54 PM IST

Kinshuk Praval Kinshuk Praval

0
अलविदा 2016: देश की बड़ी खबरें जो बनीं सुर्खियां

साल 2016 देश की कई बड़ी घटनाओं का गवाह बना. कई गुजरे हुए लम्हें अचानक सुर्खियों में तब्दील हो गए. देश और दुनिया पर कई खबरों का असर देखा गया.

 पठानकोट आर्मी बेस में आतंकी हमला

pathankot

नए साल का आगाज ही हुआ था कि 2 जनवरी की सुबह पठानकोट आर्मी बेस गोलियों की गूंज से दहल उठा. जबतक सुरक्षा एजेंसियां कुछ समझ पातीं तबतक बड़ा हमला हो चुका था. इस हमले में सेना के 7 जवान शहीद हो गए. सेना ने जवाबी कार्रवाई  में चार आतंकियों को मार गिराया. साल के पहले आतंकी हमले की साजिश भी पाकिस्तान में रची गई. आतंकी संगठन जैशे ए मोहम्मद ने पठानकोट आर्मी बेस में हमले को अंजाम दिया.

पंजाब में पठानकोट के इंडियन एयर फोर्स बेस पर आतंकी हमले के बाद भारतीय सैनिकों का चाक-चौबंद (REUTERS)

पंजाब में पठानकोट के इंडियन एयर फोर्स बेस पर आतंकी हमले के बाद भारतीय सैनिकों का चाक-चौबंद (REUTERS)

एनआईए ने जैश के सरगना मसूद अजहर के खिलाफ चार्जशीट दायर की. मसूद के अलावा तीन दूसरे आतंकवादियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की गई है. जैश ए मोहम्मद भारत में फिदायीन हमले करवाने में कुख्यात है.

Masood Azhar

कंधार कांड और संसद पर हमले को अंजाम देने वाले जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को भारत अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की मांग कर रहा है. लेकिन संयुक्त राष्ट्र में चीन हमेशा भारत की इस कोशिश पर पानी फेरने का काम करता आया है.

उरी में आतंकी हमला फिर भारत का बदला

कश्मीर के उरी अटैक में मारे गए रवि पॉल का शव ले जाते भारतीय सैनिक (REUTERS)

कश्मीर के उरी अटैक में मारे गए रवि पॉल का शव ले जाते भारतीय सैनिक (REUTERS)

पहले पठानकोट हमला और फिर 8 महीने बाद उरी में सेना के हेडक्वार्टर में आतंकी हमला होता है. 19 सितंबर को तड़के जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में एलओसी के पास स्थित आर्मी हेडक्वॉर्टर पर हमला होता है.

इस आतंकी हमले में 17 जवान शहीद हो जाते हैं. सेना की जवाबी कार्रवाई में सभी चारों आतंकी मारे जाते हैं. पिछले 20 सालों में सेना पर ये सबसे बड़ा आतंकी हमला होता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमले के बाद देश को भरोसा दिलाते हैं कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

URI ATTACK 2

पीएम के एलान के 10 दिनों के बाद ही सेना  उरी आतंकी हमले में जवानों की शहादत का बदला पाकिस्तान में घुसकर लेती है. सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान में 38 आतंकियों को मार गिराया.

29 सितंबर की आधी रात को भारत ने नियंत्रण रेखा के पार बने टेरर कैंपों में धावा बोल कर  8 कैंपों को तबाह कर दिया. इस सर्जिकल स्ट्राइक में 38 आतंकियों को मार गिराया गया.

बुरहान का एनकाउन्टर और फिर सुलग उठी घाटी

बुरहान की मौत के विरोध में कशमीर में प्रदर्शन (REUTERS)

बुरहान की मौत के विरोध में कशमीर में प्रदर्शन (REUTERS)

हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के एनकाउन्टर के बाद कश्मीर में उबाल आ गया. कई जगहों पर सेना और अलगाववादियों के बीच हिंसक झड़प शुरु हो गई. जिसके बाद घाटी के हालात दिन ब दिन बदतर होते चले गए. जन्नत कहलाने वाले कश्मीर में जिंदगी कर्फ्यू और संगीनों के साए में गुजरने लगी.

8 जुलाई को कश्मीर में एक एनकाउन्टर में हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर बुरहान वानी और 7 आतंकी मारे जाते हैं. बुरहान वानी की मौत के बाद घाटी में तनाव बढ़ जाता है.

kashmir_stone_pelting

बुरहान के जनाजे में कर्फ्यू के बावजूद पुलवामा के त्राल में हजारों लोगों का हुजूम सड़कों पर निकला. जुलूस में भारत विरोधी नारे लगाए गए. उसके बाद घाटी में जमकर हिंसा भड़की. सुरक्षा बलों पर जगह जगह हिंसक हमले हुए तो पत्थर बरसाए गए.

घाटी में बढ़ती हिंसा का असर वहां के हालात बदल देती है. जगह जगह कर्फ्यू लगा दिया जाता है. कई जगहों पर प्रदर्शनकारी स्कूलों और सरकारी दफ्तरों को आगे के हवाले कर देते हैं. घाटी में बिगड़ते हालात की वजह से परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ जाती है. तकरीबन सौ दिनों तक चलने वाली हिंसा के बाद घाटी में धीरे धीरे हालात सामान्य होते हैं.

राफेल फाइटर जेट के लिए फ्रांस से भारत की ऐतिहासिक डील

भारत ने फ्रांस के साथ 36 राफेल फाइटर जेट डील की

भारत ने फ्रांस के साथ 36 राफेल फाइटर जेट डील की

दुश्मन के हवाई हमलों से करारा जवाब देने के लिये भारत को आसमान का नया पहरेदार मिलने जा रहा है. जिसकी रफ्तार और अचूक निशाना दुश्मन को नेस्तनाबूत करने में देर नहीं करेगा. भारत ने फ्रांस के साथ 36 राफेल फाइटर जेट की डील पर अंतिम मुहर लगाई.

इस साल भारत ने फ्रांस के साथ फाइटर प्लेन राफेल की एतिहासिक डील की. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने 36 लड़ाकू विमानों वाली डील पर दस्तखत किए. इस डील के तहत भारत 2019 तक 36 राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस से हासिल करेगा. पिछले 20 साल में यह लड़ाकू विमानों की खरीद का पहला सौदा है.

ये सौदा करीब 59 हजार करोड़ रुपये का है. पिछले सोलह साल से ये डील किसी न किसी वजह से अटकी पड़ी थी. लेकिन इस ऐतिहासिक डील के बाद अब 36 विमान साल 2019 से भारत में आना शुरु हो सकेंगे.

फाइटर प्लेन के जानकारों के मुताबिक राफेल ऊंचे इलाकों में लड़ने में माहिर है. राफेल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है. ऐसे में भारत की सीमा पर राफेल की पहरेदारी देश की सुरक्षा और दुश्मन के किले को ध्वस्त करने में कारगर साबित हो सकती है.

  पहली बार महिलाएं बनीं फाइटर पायलट

देश को पहली बार मिलीं महिला फाइटर पायलट (Xinhua)

देश को पहली बार मिलीं महिला फाइटर पायलट (Xinhua)

भारतीय सेना में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में नया अध्याय जुड़ा. 18 जून को देश की तीन बेटियां पहली बार लड़ाकू बेड़े में शामिल हो हुई हैं. तीनों वायुसेना में शामिल होकर फाइटर पायलट बन गई हैं.

अब जांबाज बेटियां सरहद पार दुश्मन पर हल्ला बोल के लिये तैयार है. भावना कंठ, मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी को वायु सेना की पहली महिला फाइटर पायलट टीम का हिस्सा बनने का गौरव प्राप्त हुआ. देश की ये जांबाज़ बेटियां अब सुखोई, मिराज और जगुआर जैसे सुपरसोनिक फाइटर एयरक्राफ्ट्स उड़ा पाएंगी.

अभी तक महिलाएं वायुसेना में काम तो कर सकती थी. लेकिन उन्हें ऐसे काम दिए जाते थे जहां उनका मुकाबला सीधे दुश्मन से ना हो. महिलाओं को लड़ाई के इलाके में जाने की इजाज़त नहीं थी. लेकिन अब महिला पायलट्स को फाइटर प्लेन उड़ाने और युद्ध के मैदान में दुश्मन से सीधे लोहा लेने का रास्ता खुल गया है.

तेजस हुआ वायुसेना में शामिल

tejasn

भारतीय वायुसेना के लिये गौरव का लम्हा तब आया जब स्वदेश में बने तेजस को शामिल किया गया. तेजस को वायुसेना के स्कॉव्ड्रन में लाइट कॉम्बेट एयरकाफ्ट यानि एलसीए शामिल किया गया.

तेजस को करीब 60 फीसदी देसी विमान बताया जा रहा है और खास बात ये है कि दुनिया में गिनती के ही देश लड़ाकू विमान बनाते हैं.

वैचारिक  जंग  की जमीन पर देशद्रोह की लड़ाई

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्र और पुलिस बल आमने-सामने (REUTERS)

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्र और पुलिस बल आमने-सामने (REUTERS)

जेएनयू यानी जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी यानी वो कैम्पस जो बौद्धिक और प्रगतिशील विचारों के लिये देशभर में जाना जाता है.

लेकिन एक घटना ने जेएनयू की विचारधारा पर कई सवाल खड़े कर दिये. जेएनयू कैम्पस में देशद्रोह के नारे गूंजे. संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु के समर्थन में और भारत के विरोध में नारे लगे. ये मामला तूल पकड़ चुका था. कुछ लोगों ने अभिव्यक्ति की  आजादी की दलील दी तो कुछ ने देशद्रोह करार दिया. लेकिन एक बड़ा सवाल ये भी उठा कि क्या अभिव्यक्ति की आजादी की भी सीमा तय होनी चाहिए?

JNU 3

9 फरवरी की शाम जेएनयू कैम्पस में संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु और जम्मू कश्मीर लिबरेशन फोर्स के को-फाउंडर मकबूल बट की याद में कार्यक्रम रखा गया. 10 फरवरी को उस कार्यक्रम का वीडियो सामने आया.

वीडियो में छात्र देश विरोधी नारे लगते दिखे. देश विरोधी नारों ने देश को झकझोर कर रख दिया. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर लिया. वसंत कुंज थाने की पुलिस ने देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में जेएनयू छात्र संघ के नेता कन्‍हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया. कन्हैया की गिरफ्तारी के बाद देश विरोधी नारे लगाने के दूसरे आरोपी छात्र खालिद उमर और अनिर्बान ने भी सरेंडर कर दिया.

kanhaiya-kumar

हालांकि बाद में आरोपी छात्रों को कोर्ट से जमानत मिल गई. लेकिन इस मामले में हुई सियासत ने जेएनयू को राजनीति का अखाड़ा बना दिया. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और लेफ्ट पार्टियों ने छात्रों के समर्थन में विरोध जताया. कन्हैया की गिरफ्तारी को छात्रों की अभिव्यक्ति की आजादी पर मोदी सरकार का हमला करार दिया.

देशभर में राष्ट्रवाद बनाम देशद्रोह की बहस चल पड़ी. देशविरोधी नारों पर देश में अभिव्यक्ति की बहस पर राजनीति तेज होती चली गई.

22 साल के हार्दिक की हुंकार से डोला सिंहासन

Hardik-Patel

एक 22 साल के लड़के ने गुजरात की राजनीति में भूचाल ला दिया. हार्दिक पटेल नाम के युवा ने पटेल समुदाय के लिये आरक्षण आंदोलन खड़ा किया.

आंदोलन के तूफान से गुजरात के तत्कालीन सीएम का सिंहासन तक डोल गया. बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले गुजरात में रातों रात एक बड़ा आंदोलन खड़ा हो गया. हार्दिक पटेल ने तकरीबन सौ रैलियां की और रैलियों में लाखों की भीड़ उमड़ती रही. हार्दिक पटेल की मांग है कि पटेल समुदाय को भी आरक्षण मिले और उन्हें ओबीसी में शामिल किया जाए.

देखते ही देखते आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया. गुजरात पुलिस ने हार्दिक पटेल को गिरफ्तार कर लिया और देशद्रोह का मुकदमा भी ठोंक दिया. आरक्षण आंदोलन के साइड इफैक्ट बाद में दिखाई दिये. आनंदी बेन को सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ गई.

पीएम ने लाॉन्च की स्टार्ट अप योजना

प्रधानमंत्री ने इसके लिए अगले चार साल में 10 हजार करोड़ रुपये का फंड बनाने की घोषणा की

प्रधानमंत्री ने इसके लिए अगले चार साल में 10 हजार करोड़ रुपये का फंड बनाने की घोषणा की

देश के विकास के लिये पीएम मोदी ने स्टार्ट अप योजना की शुरुआत की. 16 जनवरी को दिल्ली में स्टार्ट अप इंडिया का एक्शन प्लान लांच किया.

प्रधानमंत्री ने इसके लिए अगले चार साल में 10 हजार करोड़ रुपये का फंड बनाने की घोषणा की. हर साल 2500 करोड़ रुपये का फंड स्‍टार्टअप्‍स को दिया जाएगा. साथ ही स्टार्ट अप योजना में लाइसेंस-परमिट राज से दूर रखने का भी भरोसा दिलाया.

लोगों को इस योजना से जोड़ने के लिये स्टार्टअप से होने वाले लाभ को तीन साल तक टैक्स फ्री रखने का एलान किया गया.

पीएम ने दिया स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का तोहफा

इस योजना के तहत 100 शहरों की सूरत बदली जाएगी

इस योजना के तहत 100 शहरों की सूरत बदली जाएगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जून को पुणे में स्मार्ट सिटी प्रॉजेक्ट की शुरुआत की. स्मार्ट सिटी की योजना में शुरुआत में 20 शहरों को चुना गया.

इस योजना के तहत 100 शहरों की सूरत बदली जाएगी. देश के हर परिवार को अपना घर और सुविधायुक्त जीवनशैली मुहैया करवाने के लिये स्मार्ट सिटी योजना शुरु की गई.

साल की सबसे बड़ी खबर जब किया पीएम मोदी ने नोटबंदी का एलान

8 नवंबर को रात 8 बजे पीएम मोदी ने 500 और हजार के नोटों बंद होने का एलान कर दिया

8 नवंबर को रात 8 बजे पीएम मोदी ने 500 और हजार के नोटों बंद होने का एलान कर दिया

साल की सबसे बड़ी खबर ग्यारहवें महीने तक खामोश थी. लेकिन जब ये सामने आई तो पूरे देश में भूचाल ही आ गया.

8 नवंबर को रात 8 बजे पीएम मोदी ने 500 और हजार के नोटों बंद होने का एलान कर दिया. ये भारत की ऐतिहासिक घटना बन गई. इसके बाद पूरे देश में जो माहौल रहा वो पूरी दुनिया ने देखा.इस दौरान वित्त मंत्रालय और आरबीआई ने कई नए एलान किये. बैंकों में नोट बदलवाने वाले लोगों की उंगलियों पर स्याही भी लगाई गई.

demonetisation

करोड़ों लोग एटीएम और बैंक की कतार में नजर आए. तमाम विपक्षी पार्टियां सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में जुट गईं. संसद का शीतकालीन सत्र नोटबंदी के विरोध की भेंट चढ़ गया.

parliament

पीएम मोदी ने देश की जनता से नोटबंदी के मामले में 50 दिनों का समय मांगा. साथ ही पीएम ने देश में कैशलेस सोसायटी और डिजीटल लेन देन पर जोर दिया.

सियासत में शोकलहर: नहीं रहीं जयललिता 

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई. (PTI)

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई. (PTI)

सियासत के गलियारे से कई खबरें साल भर बाहर निकलती रहीं और उनके अपने असर और विवाद भी दिखे. लेकिन एक खबर पूरे सियासत जगत में शोक की लहर बन गई. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की हार्ट अटैक से मृत्यु हो जाती है.

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता लोगों के लिये अम्मा थीं तो भगवान भी. लेकिन जयललिता की करिश्माई जिंदगी अचानक हॉस्पिटल के बेड तक सीमित हो गई.

22 सितंबर को अचानक तबियत बिगड़ने से जयललिता को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. 75 दिनों तक अस्पताल में भर्ती जयललिता के लिए पूरे देश में दुआओं का दौर चलता रहा. लेकिन 5 दिसंबर की आधी रात को वो जिंदगी की जंग हार गईं.

 रेल हादसे से दहला देश

कानपुर देहात में हुए रेल हादसे के बाद बचाव कार्य में जुटे लोग (REUTERS)

कानपुर देहात में हुए रेल हादसे के बाद बचाव कार्य में जुटे लोग (REUTERS)

21 नवंबर की एक तारीख रेल हादसे की वजह से कई परिवारों को तबाह कर गई. यूपी के कानपुर में इंदौर से पटना जा रही इंदौर-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस पटरियों से उतर गई. हादसे में करीब 150 लोगों की मौत हो गई जबकि दो सौ से ज्यादा लोग घायल हो गए. हाल के सालों में ये सबसे भीषण ट्रेन हादसा था.

समंदर खा गया कि आसमान निगल गया ?

विमान चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा था

विमान चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा था

22 जुलाई को भारतीय वायुसेना का AN32 विमान लापता हो जाता है. यह विमान चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा था. विमान में 29 लोग सवार थे जिसमें भारतीय वायुसेना के 12 जवान, 6 क्रू-मेंबर, 1 नौसैनिक, 1 सेना का जवान और एक ही परिवार के 8 सदस्य मौजूद थे.

लेकिन आजतक विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है. रहस्यमय तरीके से लापता होने की वजह से ये घटना मलेशिया एयरलाइंस के लापता एमएच 70 विमान की याद दिला रही है.

एमएच-70 विमान कुआलालंपुर से बीजिंग जाते समय मार्च 2014 को हिंद महासागर क्षेत्र में लापता हो गया था. अब एएन-32 को लेकर भी यही सवाल उठ  रहे हैं कि आखिर विमान को समंदर खा गया या फिर आसमान निगल गया.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi