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लड़की के जीवन में 'बालों' का क्या महत्व है!

बालों से जुड़ी कहानी हर लड़की और महिला की जीवनशैली से जुड़ी है

mohini Bhadoria mohini Bhadoria Updated On: Aug 05, 2017 08:22 PM IST

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लड़की के जीवन में 'बालों' का क्या महत्व है!

बचपन से ही हर लड़की को बाल बड़े करने का शौक रहता है. आज एक भी बाल टूटता है तो अफसोस होने लगता है. कई महिलाओं को तो बाल बड़े करने में शायद बरस लग जाते हैं. वहीं सुंदर चहरे के साथ खूबसूरत बाल महिला की खूबसूरती को दर्शाता है.

खैर बालों से जुड़ी कहानी हर लड़की और महिला की जीवनशैली से जुड़ी है. अमूमन हर लड़की अपने बालों को लेकर आत्मविश्वास रखती है क्योंकि उसके साथ ही वह अपने आप को खूबसूरत महसूस करती है.

महिलाएं अपनी परंपराओं को निभाने के लिए हमेशा से बड़ी तत्पर रही हैं. लड़की के सर पर बाल ना हो तो लोगों के मन में तुरंत कई विचार विमर्श होने शुरू हो जाते हैं. बातें ऐसी बनाते हैं कि कोई समस्या रही होगी या तो शौक में कटवा लिए होंगे, लेकिन देखने वालों की निगाहें तिरछी ही होती है.

एक समाज ऐसा है जहां महिलाएं शौक में अपने बालों को छोटा (बॉब कट) करा लेती हैं तो उन्हें टॉम बॉय नाम दे दिया जाता है.

लड़की के लिए बालों का महत्व

घर में शादी हो या पूजा-पाठ, दोस्तों के साथ कॉलेज जाना हो या पार्टी में. इन सब में सबसे बड़ा सवाल आता है आज हेयरस्टाइल कौन-सा बनाएं क्योंकि सबसे अच्छे दिखने का आपस में कॉम्पिटिशन जो होता है. पूजा में जाना है तो बिना बाल धोए घर वाले नहीं जाने देते.

वहीं कोई भी शुभ काम हुआ तब भी बालों को धोए बिना नहीं जा सकते. दूसरी ओर कॉलेज में फेयरवाल पार्टी में लड़कियों के बीच कॉम्पिटिशन होता है कि कौन सबसे ज्यादा खूबसूरत दिखेगा. झंझट बालों का हेयरस्टाइल. ऐसे ही हर जगह लड़की के अस्तित्व से जुड़े है उसके बाल.

बीमारी के कारण बाल नहीं, तो फिर लड़की रिजेक्ट

कुछ महिलाएं ऐसी हैं जिन्हें उनकी बीमारी के कारण बालों को त्यागना पड़ता है. कैंसर, मांसपेशीय दुर्विकास, पिट्यूटरी ग्लेंड, सारकॉइडोसिस ये कई ऐसी बीमारियां है जिनके कारण उन्हें बाल्ड होना पड़ता है. वहीं हर लड़के की चाह होती है कि उसकी लाइफपार्टनर सबसे सुंदर हो.

लड़की बाल्ड हुई तो लड़की ना पसंद कर दी जाती है. क्यों? क्योंकि उसके सर पर बाल नही है या तो उसे कोई बीमारी होगी??? अगर लड़के के सर पर बाल ना हो तो मतलब समाज के लिए लड़का परफेक्ट...

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तथ्यतौर पर देखा जाए तो अगर किसी लड़के को बाल कटवाने पड़े तो उस पर इतना प्रभाव नहीं पड़ता जितना की महिलाओं के लिए तनावपूर्ण होता है.

सोसायटी पर बाल्ड महिला का असर

जब कोई महिला सोसायटी में प्रवेश करती है वो भी अपने बाल्ड चेहरे के साथ तो लोग उस महिला को घिन और दया की नजरों से देखने लगते हैं. कुछ कमेंट पास करके चले जाते है...ऐ गंजी...ऐ टकली जैसे शब्द बोलकर निकल जाते हैं. उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं होता की लड़की के सर पर बाल ना होना उसके लिए सबसे दुख की बात है. .

पारंपरिक त्योहार 

ये कई पीढ़ियों से चलता आ रहा है कि कोई भी मंदिर बिना बाल धोए नहीं जाएगा. खासकर के लड़कियां, जिन्हें पीरिएड्स के बाद बिना बाल धोए मंदिर और मंदिर वाले कमरे में घुसने की मंजूरी नहीं दी जाती. वैसे तो कई जगहों पर ये सब बातें अंधविश्वास मानी जाती हैं. लेकिन अभी भी इन बातों को लगभग 80 फीसदी लोग मानते हैं.

रहस्यमई चोटी काटने की घटना 

हाल ही में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश ये ऐसी जगह हैं जहां महिलाओं के साथ निरंतर अपने आप चोटी काटने की रहस्यमई घटनाओं की रिपोर्ट आई हैं. जिसमें आरोपी पुलिस की चपेट में अब तक नहीं आ पाया. लोगों के बाल कैसे बांके हो रहे हैं किसी को कुछ नहीं पता.

इतना ही नहीं इस घटना से जुड़ा ना होने के बावजूद एक ऐसी अफसोसजनक घटना आगरा के डौकी के गांव से सामने आई. जहां सफेद साड़ी में धूम रही एक विधवा औरत को चुड़ैल समझकर जान से मार डाला.

वहीं चोटी कटने की घटनाओं को कई लोगों ने अंधविश्वास घटना बताया, लोगों का कहना है, 'महिलाएं खुद से बाल काट रही हैं. ये हो ही नहीं सकता कि घर में चुड़ैल आ जाए.'

Faridabad : A woman shows the chopped braids of a family member in Faridabad on Thursday as such cases are being reported from the area. PTI Photo (PTI8_3_2017_000159B)

दरअसल कई शहरों में लोगों को कहना है कि रातों-रात महिलाओं की कोई चोटी काट रहा है जिसके बाद महिलाएं बेहोश हो जाती हैं. वहीं एक महिला का कहना है कि जिस तरह से उसकी चोटी कटी, वह केमिकल का असर लग रहा है.

उसे बिल्कुल नहीं लग रहा कि इन घटनाओं के पीछे किसी बुरे साए या काले जादू का हाथ है. उसने बताया कि चोटी काटने के लिए लोग केमिकल का प्रयोग कर रहे हैं, जिसका असर कुछ देर बाद होता है. उस महिला ने लोगों को एक मैसेज भी दिया कि इन अफवाहों पर ज्यादा ध्यान न दें.

ऐसे ही 1994-95 में गणेश जी को दूध पिलाने की घटना हुई थी. उस वक्त पूरा देश इस अंधविश्वास में डूब गया था.

मुंह नोंचवा- 2001 में एक घटना आई थी जिसमें एक मंकी मैन लोगों पर हमला कर रहा है. लोगों ने दावा किया था कि उन्होंने मंकी मैन देखा है. 'मंकी मैन' द्वारा लोगों पर हमला किए जाने की खबरें भी मीडिया में खूब सुर्खियां बनीं. दिल्लीवासियों के मन में खौफ बैठाया गया कि घरों के बाहर, छतों पर..रात भर पहरा देने लगे. मगर इसका नतीजा भी सिफर रहा. 'मंकी मैन' कहां से आया और कहां चला गया, यह बात एक रहस्य ही रहा.

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