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सेना से महिलाओं और राजनीति को दूर रखा जाना चाहिए: रावत

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि ‘पुराने अच्छे दिनों’ में नियम ये थे कि सैन्य बलों में महिला और राजनीति को लेकर कभी चर्चा नहीं होती थी

Bhasha Updated On: Dec 06, 2017 06:52 PM IST

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सेना से महिलाओं और राजनीति को दूर रखा जाना चाहिए: रावत

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि ‘पुराने अच्छे दिनों’ में नियम ये थे कि सैन्य बलों में महिला और राजनीति को लेकर कभी चर्चा नहीं होती थी. बहरहाल, ये विषय धीरे-धीरे विमर्श में आते चले गये और इनको नजरअंदाज किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि सैन्य बलों का राजनीतिकरण हुआ है लेकिन सेना को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि जीवंत लोकतंत्र के लिए सेना राजनीति से दूर रहे.

जनरल रावत ने कहा, ‘सेना को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए. हाल फिलहाल हम यह देखते रहे हैं कि सेना का राजनीतिरण होता रहा है. मेरा मानना है कि हम बहुत ही धर्मनिरपेक्ष माहौल में काम करते हैं. हमारे यहां बहुत जीवंत लोकतंत्र है जहां सेना को राजनीतिक व्यवस्था से दूर रहना चाहिए.’ वह ‘यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूट’ की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे.

रावत ने कहा, ‘जब कभी किसी सैन्य प्रतिष्ठान या सैन्य कर्मी से जुड़े मुद्दे में राजनीतिक तत्व आ जाए तो बेहतर है कि इसकी उपेक्षा की जाए.’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रक्षा बल सबसे अच्छा काम तब करते हैं जब वे देश के राजनीतिक मामलों में नहीं पड़ते.

जनरल रावत कई मौके पर यह बात कह चुके हैं. खासकर कश्मीर में जब सेना ने एक युवक को जीप से बांधा था तो उन्होंने सेना की इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए यह कहा था कि सेना के मामलों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए.

पहले के बयानों के विपरीत है रावत का ताजा बयान

वैसे सेना में महिलाओं को लेकर दिया गया ताजा बयान उनके पहले के दिए गए बयान के ठीक उल्ट है. जून में विपिन रावत ने कहा कि भारतीय सेना में महिलाएं भी जल्‍द ही कॉम्‍बैट पोजीशन (लड़ाकू स्थिति) में नजर आएंगी. वर्तमान में जंगी हालातों में केवल पुरुषों की ही तैनाती की जाती है. तब सेनाध्‍यक्ष जनरल बिपिन रावत ने कहा कि इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है और शुरुआत में महिलाओं को मिलिट्री पुलिस में नियुक्‍त किया जाएगा.

जून जनरल रावत ने कहा था, 'मैं महिलाओं को जवानों के रूप में देख रहा हूं. मैं जल्‍द ही इसे शुरू करने जा रहा हूं. सबसे पहले हम महिलाओं को मिलिट्री पुलिस के जवानों के रूप में तैनात करेंगे.'

बिपिन रावत ने यह भी कहा था कि कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटने में सेना को हुई मुश्किलों को देखते हुए अब महिलाओं को जवानों की रैंक में भी शामिल करने की योजना बनाई जा रही है.

सेना में महिलाओं को वर्तमान में चिकित्‍सा, कानून, शिक्षा, सिग्‍नल और इंजीनियरिंग विंग्‍स में भी नियुक्‍त किया जाता है.

बिपिन रावत के ताजा बयान के बाद संभव है कि अब महिलाओं को लड़ाकू पोजीशन में तैनात नहीं किया जाए और सेना में महिलाएं पारंपरिक भूमिका में ही रहें.

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