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भीमा कोरेगांव: लाखों दलितों हो सकते हैं जमा, पुलिस की कड़ी सुरक्षा और 'भड़काऊ' सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर

कम से कम 5,000 पुलिसकर्मी, 1,200 होमगार्ड और 200 स्वयंसेवक होंगे. यहां 35 सार्वजनिक घोषणा प्रणाली, 40 वीडियो कैमरा, 12 ड्रोन और 306 सीसीटीवी कैमरे होंगे

Updated On: Dec 30, 2018 10:49 PM IST

FP Staff

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भीमा कोरेगांव: लाखों दलितों हो सकते हैं जमा, पुलिस की कड़ी सुरक्षा और 'भड़काऊ' सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर

2019 में कोरेगांव की लड़ाई की 201वीं वर्षगांठ के मौके पर, महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव गांव में हिंसा से बचने के लिए पिछले साल की तुलना में 10 गुना अधिक सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. हर साल 1 जनवरी को पूरे महाराष्ट्र में हजारों दलित पुणे से 40 किलोमीटर दूर भीमा कोरेगांव युद्ध स्मारक पर इकट्ठा होते हैं. यह दिन ब्रिटिश सेना की ऐतिहासिक जीत की याद दिलाता है. 2018 में लड़ाई की 200वीं वर्षगांठ थी. इसके कारण गांव में लोगों की भीड़ बहुत इकट्ठा हो गई थी जिनपर कथित रूप से दक्षिणपंथी समूहों द्वारा हमला किया गया था.

इस बार भी राज्य भर के दलित समूहों के यहां पर इकट्ठा होने की उम्मीद है. एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में डीएम नवल किशोर राम और आईजी विश्वास नागरे पाटिल ने कहा कि, 'इस कारण से वहां पर 'कम से कम 5,000 पुलिसकर्मी, 1,200 होमगार्ड और 200 स्वयंसेवक होंगे. यहां 35 सार्वजनिक घोषणा प्रणाली, 40 वीडियो कैमरा, 12 ड्रोन और 306 सीसीटीवी कैमरे होंगे. हम 10 लाख की भीड़ के लिए तैयार हैं.'

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पाटिल ने कहा कि, 'इस तरह की संवेदनशील घटना के लिए, सोशल मीडिया अक्सर आग में घी डालने का काम करती है.' पाटिल ने कहा कि, 'इसे ध्यान में रखते हुए, राज्य भर की विभिन्न टीमें भीमा कोरेगांव के संबंधित मैसेज और पोस्टों पर बारीकी से निगरानी रखे हुए है. उन्होंने कहा कि, 'हम 15 नवंबर से उनकी निगरानी कर रहे हैं. लेकिन नफरत भरे संदेश अब नहीं आ रहे हैं.'

प्रशासन, अफवाह फैलाने से रोकने के लिए भीमा कोरेगांव में इंटरनेट सेवाओं को बंद करने पर विचार कर रहा था. लेकिन इससे मीडिया भी वहां हो रहे कामों से वंचित रह जाती. युद्ध स्मारक के 100 मीटर के भीतर किसी भी भाषण की अनुमति नहीं होगी.

चंद्रशेखर आजाद को हिरासत में लिया:

मुंबई पुलिस ने 27 दिसंबर को चैत्यभूमि से जहां दलित आइकन बीआर अंबेडकर का अंतिम संस्कार किया गया था से भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को हिरासत में लिया था. हालांकि, जिला कलेक्टर नवल किशोर राम ने कहा कि उन्हें भीमा कोरेगांव में एक रैली आयोजित करने के लिए आजाद की तरफ से कोई अनुरोध नहीं मिला है.

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इसके अलावा, पाटिल ने कहा कि राज्य ने दंड प्रक्रिया संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अब तक 1,211 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'भीमा कोरेगांव में आने से कम से कम 64 लोगों को प्रतिबंधित किया गया है और छह लोगों को बाहर कर दिया गया है.'

ये निवारक कार्रवाई किस आधार पर की गई इसके बारे में पूछे जाने पर, आईजी नांगरे पाटिल ने कहा कि अधिकारियों ने विभिन्न एजेंसियों से 'गोपनीय' इनपुट पर कार्रवाई की थी. उन्होंने उन लोगों या संगठनों का नाम लेने से इनकार कर दिया जिनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी. साथ ही पुलिस भीमा कोरेगांव में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी नजर बनाए रखेगी.

(फर्स्टपोस्ट के लिए पार्थ एमएन की रिपोर्ट से साभार)

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