विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

क्या लालू-परिवार की बेनामी संपत्तियों पर भी नीतीश खोलेंगे स्कूल?

लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे-बेटियों की बेनामी संपत्तियों पर कार्रवाई की जा सकती है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Jun 20, 2017 07:03 PM IST

0
क्या लालू-परिवार की बेनामी संपत्तियों पर भी नीतीश खोलेंगे स्कूल?

आयकर विभाग ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे-बेटियों पर कार्रवाई की शुरुआत कर दी है. लालू प्रसाद यादव के दो मंत्री पुत्र तेजस्वी, तेजप्रताप और सांसद पुत्री मीसा भारती के लगभग डेढ़ दर्जन संपत्तियों पर आयकर का डंडा चला है.

आयकर विभाग ने लालू के बेटे-बेटियों की दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और पटना में लगभग डेढ़ दर्जन से भी ज्यादा संपत्तियों को अस्थाई तौर पर जब्त कर लिया है.

लालू प्रसाद यादव के बेटे-बेटियों की संपत्ति अगर आयकर विभाग स्थाई तौर पर जब्त करती है तो लालू प्रसाद यादव बिहार के ऐसे पहले राजनेता या पूर्व मुख्यमंत्री होंगे जिन पर बेनामी संपत्ति कानून के तहत कार्रवाई होगी.

जब आईएएस के घर में खुला स्कूल

बिहार में बेनामी संपत्ति कानून के तहत पहली कार्रवाई एनडीए सरकार में नीतीश कुमार और सुशील मोदी के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री रहते की गई थी. जब एक आईएस अधिकारी की संपत्ति को जब्त कर उसमें दलित बच्चों के लिए स्कूल खोल दिया गया था.

साल 2011 में बिहार देशभर में भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़े गए आंदोलन में रोल मॉडल बनकर उभरा था. राज्य में पहली बार आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आरोपित किसी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी के आलीशान मकान को जब्त कर उसमें स्कूल खोला गया था.

बिहार के लघु जल संसाधन विभाग के पूर्व सचिव शिवशंकर वर्मा के पटना स्थित आवास और उस घर में मौजूद सभी सामानों को जब्त कर लिया गया था. इस मकान को राज्य के मानव संसाधन विभाग को सौंप दिया गया था.

अब इस भवन में स्कूल चल रहा है. इस स्कूल में करीब 300 विद्यार्थी हैं, जिनमें अधिकांश दलित परिवार के बच्चे हैं.

क्या कहते हैं सुशील मोदी?

sushil modi

सुशील मोदी लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले उजागर करते रहते हैं

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी से फ़र्स्टपोस्ट हिंदी ने सवाल किया कि अगर लालू प्रसाद यादव अगर आयकर विभाग को जरूरी कागजात मुहैया कराने में असफल साबित होते हैं तो क्या नीतीश कुमार लालू प्रसाद यादव के बेनामी संपत्ति पर भी दलितों के लिए स्कूल खोलेंगे?

इस पर सुशील मोदी का जवाब यह था, ‘देखिए यही तो नीतीश जी का टेस्ट है. बिहार के अंदर नीतीश कुमार को लालू प्रसाद यादव से कुछ पूछने की भी हिम्मत नहीं है. स्कूल खोलने की कहां से बात आ गई.’

यह भी पढ़ें: सुशील मोदी का बड़ा खुलासा, 18 फ्लैट्स, 18 पार्किंग प्लेस की मालकिन हैं राबड़ी देवी

सुशील मोदी आगे कहते हैं, ‘पिछले ढ़ाई तीन महीने से इतने खुलासे हो रहे हैं और नीतीश कुमार कुछ भी पूछने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं. नीतीश जी इंतजार कर रहे हैं कि केंद्र कार्रवाई करे. मुझे कार्रवाई नहीं करनी पड़े. अगर नीतीश जी कार्रवाई करेंगे तो सरकार गिर जाएगी. नीतीश जी ने एक महीने पहले कहा भी था कि अगर दस्तावेज और सबूत सही हैं तो केंद्र कार्रवाई करे और नीतीश जी के इसी बयान के बाद केंद्र कार्रवाई कर रहा है. मुझे नीतीश जी से कोई उम्मीद नहीं है कि वह कोई कार्रवाई करेंगे.’

जब सुशील मोदी से यह सवाल किया गया कि बेनामी संपत्ति मामले में आरजेडी का कोई नेता या प्रवक्ता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं. आप इसको किस रुप में देख रहे हैं?

इस पर सुशील मोदी का जवाब था, ‘देखिए इस मामले में आरजेडी के नेता और प्रवक्ता खुद सदमे में हैं कि उनके नेता ने कितना गलत काम किया है. वो इस चीज को कैसे डिफेंड करेंगे. लालू प्रसाद यादव ने तो बच्चों के नाम का गलत इस्तेमाल किया. बच्चे तो बच्चे होते हैं. बेचारे बच्चे बिना मेहनत किए अरबों-खरबों के मालिक बन गए.’

गहरा नाता रहा है विवादों से लालू का 

lalu prasad yadav

तस्वीर: लालू प्रसाद यादव के फेसबुक वाल से

लालू प्रसाद यादव के बारे में कहा जाता है कि सत्ता में जब वे रहते हैं उनके साथ विवाद भी कदमताल करती रहती है. लालू को विवादों से काफी गहरा नाता रहा है.

लालू प्रसाद यादव खुद भी चारा घोटले के एक मामले में सजायाफ्ता हैं. अभी भी चारा घोटाले के कई मामले लालू प्रसाद यादव पर चल रहे हैं.

बेटे-बेटियों और दमाद पर आयकर विभाग के ताजा कार्रवाई ने लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे-बेटियों के राजनीति भविष्य को भी खतरे में डाल दिया है.

आयकर विभाग ने लालू के तीनों संतानों से 90 दिनों के अंदर जवाब मांगा है. तीनों को बेनामी संपत्ति कानून के प्रावधानों के तहत 90 दिनों के भीतर आयकर विभाग को जवाब देना होगा.

अगर इन 90 दिनों के अंदर आयकर विभाग को जवाब नहीं मिलता है तो विभाग जब्त किए गए संपत्तियों को स्थाई तौर पर जब्त करने की दिशा में कदम उठा सकता है.

आयकर विभाग ने लालू प्रसाद यादव की पुत्री मीसा भारती को दो बार पेश होने के लिए समन जारी किया था. लेकिन, दोनो ही बार मीसा भारती आयकर अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुई. आयकर विभाग का यह कदम इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है.

जुलाई में होगी लालू के संतानों की पेशी

Lalunew 

आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक अब आयकर विभाग ने लालू प्रसाद यादव की सांसद बेटी मीसा भारती को जुलाई के पहले सप्ताह में पेश होने के लिए समन जारी किया है. आयकर विभाग ने मीसा भारती को यह तीसरा मौका दिया है.

आयकर विभाग के तीसरी नोटिस में लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव को भी बुलाया है.

पहले आयकर विभाग ने तीनों की पेशी की तारीखों का खुलासा नहीं किया था. पेशी की तारीख का खुलासा मीसा भारती के आग्रह के बाद किया गया है. मीसा के वकीलों ने पिछले दो समन के बाद भी पेश नहीं होने की वजह अपनी सुरक्षा बताई थी.

आयकर विभाग के नियम के मुताबिक अगर किसी बेनामी संपत्ति को विभाग जब्त करता है तो उस संपत्ति को तब तक बेचा नहीं जा सकता जब तक की उससे संबंधित कानूनी कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती है.

आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति लेन-देन कानून, 1988 के तहत मीसा भारती के एक मकान और एक प्लॉट की कुर्की की है. यह कानून देश में पिछले साल नोटबंदी के बाद नवंबर में लागू हुआ था.

पिछले महीने आयकर विभाग ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के कई सदस्यों के साथ हवाला कारोबारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य कई लोगों के ठिकानों पर रेड की थी.

आयकर विभाग के छापे के दौरान मीसा भारती की वे सेल कपंनियां निशाने पर रहीं, जिन कंपनियों ने मीसा भारती को करोड़ों रुपए का लोन दे कर उन्हें दिल्ली की महंगी जमीन सस्ते दाम में बेची थी.

इसी छापे के बाद 24 मई को आयकर विभाग ने बेनामी जमीन एक्ट और आय से अधिक संपत्ति के मामले में समन जारी किया था और 6 जून को पूछताछ के लिए मीसा भारती को बुलाया था.

यूं कसा आयकर का शिकंजा

file image

इससे पहले 20 मई को मीसा भारती के चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश अग्रवाल को ईडी ने गिरफ्तार किया था. राजेश के ऊपर आरोप है कि उसने दिल्ली के कुछ बिजनेसमैन और नेताओं के लिए सेल कपंनी बनाई और बिजनेसमैन और नेताओं कके काले धन को सफेद किया.

राजेश अग्रवाल के ऊपर ये भी आरोप है कि मीसा भारती की एक सेल कंपनी को कर चोरी कराने में भी उनकी मदद की थी. आयकर विभाग की शुरुआती जांच में पता चला है कि दिल्ली के सैनिक फॉर्म और बिजवासन में दो जमीनों की खरीद फरोख्त की गई जिसमें काले धन और सेल कपंनी का इस्तेमाल किया गया है.

ईडी ने जांच में पाया कि राजेश अग्रवाल ने दिल्ली के दो जैन भाइयों के काले धन की मनी लांड्रिंग की थी. राजेश अग्रवाल वीरेंद्र जैन और सुरेंद्र जैन को ईडी फेमा केस में पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

मीसा भारती के लिए चौंकाने वाली बात यह थी कि ईडी ने अपने बयान में कहा था कि राजेश अग्रवाल ने मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर कंपनी के लिए भी काम किया है. आयकर विभाग ने अपने जांच में पाया कि मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर कंपनी में मीसा भारती निदेशक रह चुकी हैं.

आयकर विभाग इस मिशेल कपंनी के साथ करीब दो दर्जन कंपनियों की भी जांच कर रही है. इन कंपनियों पर आरोप है कि लगभग 1000 करोड़ रुपए की जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए गैरकानूनी तरीके का इस्तेमाल किया गया.

आयकर विभाग मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार से पूछताछ करना चाहती है. लेकिन, मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार अभी तक आयकर विभाग के सामने पेश नहीं हुए हैं.

बेनामी संपत्ति में लाभार्थी वह व्यक्ति नहीं होता है जिसके नाम पर संपत्ति खरीदी जाती है. आयकर विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे-बेटियों की बेनामी संपत्तियों पर कार्रवाई की जा सकती है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi