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अमेरिका की खुफिया एजेंसी ने आधार डेटाबेस में सेंध लगाई : विकीलीक्स

आधिकारिक सूत्रों ने विकीलीक्स के दावे से इनकार करते हुए कहा कि- यह रिपोर्ट कोई 'लीक' नहीं, बल्कि एक वेबसाइट की रिपोर्ट है

FP Staff Updated On: Aug 26, 2017 03:39 PM IST

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अमेरिका की खुफिया एजेंसी ने आधार डेटाबेस में सेंध लगाई : विकीलीक्स

गुरुवार को विकीलीक्स ने कुछ रिपोर्ट प्रकाशित किया है जिसमें आधार की जानकारियों में सेंधमारी का दावा किया गया है. विकीलीक्स ने दावा किया है कि अमेरिकी की खुफिया एजेंसी सीआईए साइबर जासूसी के लिए ऐसे टूल का इस्तेमाल कर रही है, जिससे शायद आधार के डेटा में सेंध लगाई गई हो.

रिपोर्ट में कहा गया है कि जासूसी की इस तकनीक को अमेरिका की कंपनी क्रॉस मैच टेक्नोलॉजी द्वारा इजाद किया गया है. यह वही कंपनी है जो यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) को बायोमीट्रिक तकनीक उपलब्ध कराती है.

विकीलीक्स ने अपने दावे को मजबूत करने के लिए शुक्रवार को ट्वीट करते हुए एक आर्टिकल शेयर किया है. इस आर्टिकल में क्रॉस मैच के भारत में ऑपरेशन का जिक्र किया गया है. साथ ही इस आर्टिकल में कंपनी के पार्टनर स्मार्ट आइडेंटिटी डिवाइसेस प्राइवेट लिमिटेड का भी जिक्र है. विकीलीक्स ने पहले ट्वीट में लिखा है- क्या सीआईए के जासूस भारत के राष्ट्रीय पहचान डेटाबेस को चुरा चुके हैं?

इसके कुछ देर बाद एक और ट्वीट किया गया, जिसमें लिखा था- क्या सीआईए ने भारत का आधार डेटाबेस चुरा लिया है?

विकीलीक्स के खुलासे को लेकर आधिकारिक सूत्रों से संपर्क किया गया तो उन्होंने इससे इनकार करते हुए कहा कि यह रिपोर्ट कोई 'लीक' नहीं, बल्कि एक वेबसाइट की रिपोर्ट है. क्रॉस मैच बायोमीट्रिक डेटा को कैप्चर करने के लिए डिवाइसेज का ग्लोबल सप्लायर है.

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आधार कार्ड बनवाने को लेकर अक्सर गड़बड़ियों की शिकायत सामने आती रहती है

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि जो डेटा जमा किया जाता है, वो कंपनी या किसी दूसरे तक नहीं पहुंच सकता क्योंकि डेटा को एनक्रिप्टेड फॉर्म में आधार सर्वर में ट्रांसफर किया जाता है. सूत्रों ने कहा, 'रिपोर्ट का कोई आधार नहीं है. आधार डेटा को सुरक्षित तरीके से रखा जाता है और इस तक किसी भी एजेंसी की पहुंच नहीं होती.'

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