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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: साल के सबसे लंबे दिन पर लीजिए लंबा जीवन जीने की शपथ

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा भारत के लिए एक एक विशेष पल था क्योंकि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव आने के केवल तीन महीने के अंदर इसके आयोजन का ऐलान कर दिया

Bhasha Updated On: Jun 20, 2018 10:26 PM IST

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: साल के सबसे लंबे दिन पर लीजिए लंबा जीवन जीने की शपथ

मतभेदों और विवादों से भरे आज के इस दौर में अगर दुनिया के लगभग सभी देश परस्पर सहमति से किसी एक मुद्दे पर एक साथ एक दूसरे का समर्थन करें तो यह मान लेना चाहिए कि जरूर वह मुद्दा समूचे विश्व के हित से जुड़ा होगा. 21 जून को दुनियाभर में मनाया जाने वाला योग दिवस ऐसा ही एक कार्यक्रम है.

भारत में योग को स्वस्थ रहने की लगभग 5000 साल पुरानी मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक पद्धति के रूप में मान्यता प्राप्त है और यह हमारे देश के लोगों की क्रियाकलाप का हिस्सा है, लेकिन चार साल पहले संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का ऐलान करके पूरी दुनिया को स्वस्थ रहने का मंत्र दे दियाा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 सितंबर 2014 को दुनियाभर में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा भारत के लिए एक एक विशेष पल था क्योंकि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव आने के केवल तीन महीने के अंदर इसके आयोजन का ऐलान कर दिया. महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को यह ऐलान किया कि 21 जून का दिन दुनिया में योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा. यह दुनियाभर के लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य तथा आध्यात्मिक संतोष के विकास का विशेष अवसर था.

फोटो डॉ. श्रीश पांडेय की फेसबुक वॉल से

फोटो डॉ. श्रीश पांडेय की फेसबुक वॉल से

अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन का दुनिया के लगभग सभी देशों ने समर्थन किया और दुनिया के 170 से ज्यादा देशों के लोग 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाते हैं और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लेते हैं. पूरे विश्व में इस दिन योग के फायदों के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिये योग प्रशिक्षण शिविर, योग प्रतियोगिता और सामूहिक योगाभ्यास किया जाता है.

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हेतु 21 जून की तिथि को चुनने के पीछे वैज्ञानिक और पारंपरिक दोनो ही कारण हैं. खगोलशास्‍त्री ऐसा बताते हैं कि सूरज दो तरह से गति करता है- उत्तरायण और दक्षिणायन. जून महीने की 21 तारीख को ही सूरज अपनी गति बदलता है, यानी उत्तरायण से दक्षिणायन की ओर जाता है. यह एक प्राकृतिक परिवर्तन है.

जब सूरज दक्षिणायन में आता है तो सूरज की गर्मी और प्रकाश में भी कमी आ जाती है. मतलब अचानक से मौसम में बदलाव आ जाता है. इससे पृथ्वी के एक भाग पर अनेक प्रकार की बीमारियों को पैदा करने वाले कीटाणु अपना काम करना शुरू कर देते हैं, और बीमार होने की संभावना में बढ़ोत्तरी होना शुरू हो जाता है. योग का स्‍वास्‍थ्‍य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इसलिए अपने शरीर और मन को स्वस्‍थ रखने के लिए योगाभ्‍यास बहुत जरूरी है. यही वजह है कि इस मौसम परिवर्तन के पहले दिन को ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में चुना गया.

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