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कौन है ये पाकिस्तानी जिसकी जिंदगी का सपना सिर्फ सलमान से मिलना है

25 बरस के जहानज़ेब आवान पाकिस्तान के कराची शहर के बाशिंदे हैं. सात साल के थे जब हादसे में एक पांव खो दिया.

Updated On: Oct 12, 2018 11:33 AM IST

Farah Khan

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कौन है ये पाकिस्तानी जिसकी जिंदगी का सपना सिर्फ सलमान से मिलना है

25 बरस के जहानज़ेब आवान पाकिस्तान के कराची शहर के बाशिंदे हैं. सात साल के थे जब हादसे में एक पांव खो दिया. अगले ही साल यानी आठ साल की उम्र में सिर से मां का साया उठ गया. उन्हें बचपन से फिल्में देखना का शौक था वो भी हिंदुस्तानी. सलमान खान इनके दिल में बसते हैं. फिल्में बस भाईजान की ही देखते हैं. डांस भी उन्हीं के गानों पर करते हैं. इनकी बातें सलमान से शुरू होती हैं और सलमान पर खत्म. आलम ये है कि अब पूरा कराची जहानज़ेब को छोटा सलमान बुलाता है.

जब पांचवीं क्लास में थे. तब सलमान की फिल्म आई थी ‘तेरे नाम’. फिल्म देखने के बाद जहानज़ेब ने सलमान जैसा ही हेयरस्टाइल बनाया. स्कूल में खूब डांट पड़ी. बाल कटवाने के आदेश को उसने नहीं माना. फिर एक दिन टीचर ने खुद कैंची उठाई और बाल काट दिए.

बड़े होने के साथ सलमान के लिए चाहत भी परवान चढ़ती रही. एक दिन पाकिस्तान के मशहूर न्यूज चैनल DAWN के एक पत्रकार की मुलाकात जहानज़ेब से हुई. जहानज़ेब की कहानी उन्हें इतनी पसंद आई कि उसे ऑनएयर दिखाया गया. जिसके बाद ये गुमनाम फैन थोड़ा मशहूर हुआ. सलमान के इस फैन की कहानी हिंदुस्तानी डायरेक्टर अमजद खान ने भी देखी. अमजद खान फिल्म ‘गुल मकई’ के डायरेक्टर हैं. ये फ़िल्म मलाला यूसूफजई की जिंदगी पर बनी है.

अमजद ने जहानज़ेब को 2013 में अपने खर्च पर हिंदुस्तान बुलाया. जहानज़ेब बताते हैं, 'अमजद ने उन्हें बहुत प्यार दिया. जब तक हिंदुस्तान रहे खाने-पीने से लेकर ठहरने तक का इंतजाम उन्हीं ने किया. कई फिल्मी हस्तियों से मिलवाया. जॉनी लीवर के घर मेरे लिए बिरयानी बनवाई गई. वो मुलाकातें और मेजबानी खुशनुमा याद की तरह है.'

अभिनेत्री फरीदा जलाल के साथ सादान जे़ब

अभिनेत्री फरीदा जलाल के साथ जहान जे़ब

जहानज़ेब को सबकुछ मिला लेकिन सलमान से मिलने की ख्वाहिश अब तक अधूरी थी. बात नहीं बनी और बिना सलमान खान से मिले उन्हें वापस पाकिस्तान आना पड़ा.

2014 में वे एक बार फिर हिंदुस्तान आए. तब सलमान को एक इवेंट में आना था. जहां उसने सलमान को पहली बार असल में देखा. बकौल जहानज़ेब, 'उन्हें देखना सपने सा था. यकीन करना मुश्किल था कि आंखों के सामने वही सलमान हैं जिन्हे देखकर बड़ा हुआ. आंसू बहने लगे थे. खुद पर काबू करने की बहुत कोशिश की लेकिन आंसू थमे नहीं. चार बार 'आयतल कुरसी' (कुरआन की एक आयत) पढ़ी.

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दिल संभाला और बिना कुछ सोचे समझे, सीधे स्टेज पर गया. सलमान वहीं थे. उनसे हाथ भी मिलाया लेकिन मेरे कुछ बोल पाने से पहले ही वो चले गए. उन्हें मेरा चेहरा भी शायद नहीं देखा होगा. न उन्हें बता पाया कि पाकिस्तान से सिर्फ आपके लिए आया हूं. मेरा एक पैर नहीं है. लेकिन वो आप ही थे जिसने कभी अपाहिज होने का एहसास नहीं होने दिया. लोग मुझे आपकी वजह से जानते हैं. जहानज़ेब कहते हैं, 'मेरी आखिरी ख्वाहिश सलमान से मिलना है.

जब उनसे मिलूंगा तो सारे किस्से सुनाऊंगा. बचपन से उनके लिए जो मोहब्बत है वो अब एक बेटी का बाप बनने के बाद और बढ़ गई है. जो कभी कम नहीं होगी.' 2016 में हुए उरी हमले के बाद हिंदुस्तान और पाकिस्तान के रिश्ते और ज्यादा खराब हुए. पाक कलाकारों के भारत आने पर पाबंदी लगी. अमजद ने जहानज़ेब को फिल्म ‘गुल मकई’ में जो रोल दिया था. उसके लिए भी वे हिंदुस्तान न आ सके.

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