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दिल्ली के पॉश इलाके खान मार्केट पर क्यों चल रहा है एनडीएमसी का डंडा?

मास्टर प्लान 2021 का पालन नहीं करने की वजह से एनडीएमसी ने खान मार्केट के 8 दुकानों के ऊपरी तलों को सील कर दिया है, यह कार्रवाई लगभग 30 दुकानों पर होगी

Updated On: Jan 08, 2018 09:37 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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दिल्ली के पॉश इलाके खान मार्केट पर क्यों चल रहा है एनडीएमसी का डंडा?

दिल्ली की पॉश इलाकों में से एक खान मार्केट पर एनडीएमसी की गाज गिरने की शुरुआत हो गई है. एनडीएमसी ने सुप्रीम कोर्ट की एक कमेटी के आदेश के बाद मार्केट में सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है. शुरुआती दौर में एनडीएमसी की यह कार्रवाई लगभग 30 दुकानों पर होगी, लेकिन बाद में इसका दायरा और भी बढ़ाया जा सकता है.

एनडीएमसी ने सोमवार को खान मार्केट के 8 दुकानों के ऊपरी तलों को सील किया. पिछले कई सालों से एनडीएमसी और स्थानीय दुकानदारों के बीच मार्केट की जमीन और पार्किंग को लेकर विवाद चल रहा था. देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने भी इस विवाद को लेकर एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाई थी. सोमवार को एनडीएमसी द्वारा की गई कार्रवाई मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही हुई है.

पिछले दिनों मुंबई में एक पब में आग लगने से 14 लोगों की मौत हो गई थी. मुंबई की इस घटना के बाद देशभर में रेस्तरां की सुरक्षा के तय मापदंडों को लेकर नए सिरे से बहस शुरू हो गई थी. राज्य सरकारों ने मुंबई की घटना को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत देनी शुरू कर दी थी. खान मार्केट में ताजा कार्रवाई इसी का नतीजा बताया जा रहा है.

क्या है दुकानों को सील करने की वजह?

खान मार्केट में सीलिंग की कार्रवाई पर एनडीएमसी ने दलील दी है कि 2021 के मास्टर प्लान के तहत नियमों का पालन नहीं किए जाने के कारण कुछ दुकानों पर कार्रवाई की जा रही है. दूसरी तरफ खान मार्केट के जिन दुकानों और रेस्तरां पर मास्टर प्लान 2021 के नियमों के खिलाफ काम करने के आरोप लगे हैं, उनकी वास्तविक जानकारी एनडीएमसी ने अभी तक सार्वजनिक नहीं की है. एनडीएमसी का कहना है कि खान मार्केट में अवैध निर्माण की कोई सही जानकारी नहीं है. एनडीएमसी की टीम मौके पर जाकर मुआयना करेगी और फिर किन-किन दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी इसका फैसला करेगी.

khan market main

खान मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन ने एनडीएमसी द्वारा की जा रही कार्रवाई का विरोध किया है. मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि, ‘पिछले लंबे समय से एसोसिएशन इस मामले की लड़ाई लड़ रही है. यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है. यह कार्रवाई बिल्कुल गलत है. सोमवार को जिन दुकानों को टेरेस कब्जा करने के नाम पर सील किया गया है. वहां पर कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं चल रही थी. दुकानदार जरूरत का सामान क्या टेरेस पर नहीं रखेंगे तो कहां रखेंगे? हमलोग एनडीएमसी के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं.’

एनडीएमएसी के वाइस चेयरमैन करण सिंह तंवर से जब फ़र्स्टपोस्ट हिंदी ने बात की तो उनका कहना था, ‘जो भी कार्रवाई की जा रही है वह नियम में रह कर किया जा रहा है. हमलोग कुछ ऐसा रास्ता निकालने में लगे हैं, जिससे दुकानदारों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े. हमारी टीम लगातार बैठकें कर रही हैं. इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकते.’

सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने की है कार्रवाई की सिफारिश

2021 के मास्टर प्लान के अनुसार दुकानदारों को मार्केट कॉम्प्लेक्स के ग्राउंड प्लोर पर व्यावसायिक गतिविधि करने के लिए 22 हजार 274 रुपए प्रति मीटर स्क्वॉयर फीट की हिसाब से कनवर्जन चार्ज देना पड़ता है. एनडीएमसी पहले यह चार्ज 89 हजार रुपए वसूलती थी. जिसे बाद में एनडीएमसी ने कम कर दिया था.

khan market (2)

एनडीएमसी का कहना है कि कनवर्जन चार्ज कम करने के बाद भी दुकानदारों ने ये पैसे जमा नहीं किए. कनवर्जन चार्ज हर साल वसूला जाता है. इस चार्ज से ही मार्केट कॉम्प्लेक्स की सुविधाओं को बढ़ाया जाता है. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने खान मार्केट के रेस्तराओं के द्वारा फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं करने का रिपोर्ट दिया है. सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी ने यह सारी बातों की जानकारी एनडीएमसी को देकर कार्रवाई करने की बात कही.

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सोमवार को जिन दुकानों को सील किया गया है, उसमें कई दुकानें ऊपरी मंजिल पर चल रही हैं. इन दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने कनवर्जन चार्ज अदा कर दिया है. इसके बावजूद उनके दुकानों को सील कर दिया गया है. दूसरी तरफ एनडीएमसी का कहना है कि इन दुकानों की टेरेस को अवैध तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा था.

एनडीएमसी द्वारा खान मार्केट में सीलिंग की कार्रवाई अगले कुछ दिनों तक और चलेगी. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने भी खान मार्केट का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. सीलिंग की कार्रवाई पर जब वहां के दुकानदारों ने कमेटी से दोबारा से विचार करने को कहा, तब इस पर मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्यों ने कहा कि जब गलत तरीके से जगह का इस्तेमाल किया जा रहा है तो कार्रवाई होगी हीं.

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