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कठुआ रेप केस: इस वजह से चिल्लाकर मदद नहीं मांग पाई थी पीड़िता!

क्राइम ब्रांच को भेजे गए मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार 8 वर्षीय पीड़िता को जो टैबलेट दिया गया, उसकी वजह से वो कोमा में चली गई थी

PTI Updated On: Jun 24, 2018 07:02 PM IST

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कठुआ रेप केस: इस वजह से चिल्लाकर मदद नहीं मांग पाई थी पीड़िता!

फोरेंसिक मेडिकल के विशेषज्ञों ने कहा है कि कठुआ रेप मामले में 8 वर्षीय पीड़िता को बंधक बनाए जाने के दौरान जबरन नशीली दवाओं का ओवरडोज दिया गया था, जिसकी वजह से हत्या से पहले पीड़िता कोमा में चली गई थी.

जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच इस गैंग-रेप-मर्डर केस की जांच कर रही है. क्राइम ब्रांच ने पीड़िता के विसरा को इस महीने 'मन्नार' कैंडी (स्थानीय गांजे का एक किस्म) और 0.5 एमजी इस्पिट्रिल टैबलेट के प्रभाव की जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेजा था. क्राइम ब्रांच को भेजे गए मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार 8 वर्षीय पीड़िता को जो टैबलेट दिया गया, उसकी वजह से वो कोमा में चली गई थी.

क्राइम ब्रांच ने मेडिकल विशेषज्ञों से 8 वर्षीय पीड़िता को खाली पेट इस दवा को दिए जाने पर होने वाले प्रभाव के बारे में राय मांगी थी. क्राइम ब्रांच ने यह राय तब मांगी जब आरोपियों के वकील ने बचाव में यह दलील दी थी कि यह असंभव है कि इस तरह के खतरनाक हमले के बाद पीड़िता ने चिल्लाकर मदद न मांगी हो.

जबरन दिया गया था दवा का ओवरडोज

डॉक्टरों ने विसरा की जांच के बाद कहा है कि पीड़िता को क्लोनाजेपेम सॉल्ट दिया गया जो सिर्फ किसी को उसके उम्र और वजन को देखते हुए मेडिकल निगरानी में ही दिया जा सकता है. इस रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता के शरीर का वजन 30 किलो था और इसके लिहाज से इलाज के लिहाज से उसे हर दिन 0.1 से 0.2 एमजी की डोज हर दिन तीन डोज में बांटकर ही दिया जा सकता था.

एक मेडिकल विशेषज्ञ के अनुसार '11 जनवरी, 2018 को पीड़िता को क्लोनाजेपेम के 0.5 एमजी के पांच टैबलेट जबरन दिया गया जो चिकत्सीय लिहाज से सुरक्षित डोज से कहीं ज्यादा था. इसके बाद और भी डोज पीड़िता को दिया गया...इस दवा के ओवरडोज से नींद, भ्रम, कम दिखाई देना, सांस लने में तकलीफ या सांस का रूकना, कोमा और मौत तक हो सकती है.'

हालांकि लैव इस बात का पता नहीं लगा पाई कि स्थानीय नशीला पदार्थ मन्नार को इस दवा के साथ देने पर क्या प्रभाव होता है लेकिन मन्नार किसी भी व्यक्ति को कुछ घंटों के लिए अचेत कर देता है. इस मामले में एक नाबालिग सहित 8 आरोपी हैं. सभी आरोपी अभी जेल में हैं और पठानकोट की एक अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही है.

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