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केरल: देवस्वाम कमिश्नर की नियुक्ति पर राज्य सरकार और बीजेपी आमने-सामने

ट्रेड यूनियन के दबाव के बाद वाम सरकार ने जुलाई 2018 में देवस्वाम कमिश्नर के पद पर सीधा नियुक्ति को खत्म करते हुए डिप्टी कमिश्नर को प्रमोट करके कमिश्नर के पद पर तैनात करने का नोटिफिकेशन जारी किया था

Updated On: Oct 10, 2018 06:31 PM IST

FP Staff

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केरल: देवस्वाम कमिश्नर की नियुक्ति पर राज्य सरकार और बीजेपी आमने-सामने

केरल सरकार ने देवस्वाम कमिश्नर के पद पर सीधा नियुक्ति को खत्म करने का फैसला किया है, लेकिन अब यह फैसला संघ परिवार के साथ उलझता हुआ दिख रहा है. संघ परिवार इस फैसले को हिंदू विरोधी बता रहा है.

त्रावणकोर देवस्वाम बोर्ड राज्य में हिंदू मंदिरों को मैनेज करता है. 2007 में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद बोर्ड ने कमिश्नर के पद पर सीधा नियुक्ति का सुझाव दिया गया था.

ट्रेड यूनियन के दबाव के बाद वाम सरकार ने जुलाई 2018 में देवस्वाम कमिश्नर के पद पर सीधा नियुक्ति को खत्म करते हुए डिप्टी कमिश्नर को प्रमोट करके कमिश्नर के पद पर तैनात करने का नोटिफिकेशन जारी किया था.

बीजेपी और अन्य संगठनों ने इस पर एक विवाद उत्पन्न कर दिया है. राज्य देवस्वाम मंत्री कदकमपल्ली सुरेंद्र ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि TDB में सभी पदाधिकारी हिंदू होने चाहिए और इसलिए शीर्ष पद पर एक गैर हिंदू की नियुक्ति का कोई सवाल नहीं था.

टीडीबी के कार्यकाल को कम करने के लिए पिछले साल पारित अध्यादेश को प्रतिस्थापित करने के लिए जुलाई में एक नया संशोधन किया गया था. कांग्रेस नेता और TDB को पद से हटाने के लिए बोर्ड का कार्यकाल वाम सरकार ने छोटा कर दिया था.

कदकमपल्ली सुरेंद्र ने सीएनएन-न्यूज़18 से कहा 'कोई भी गैर हिंदू एप्लीकेशन देवस्वामी मंदिर बोर्ड के कमिश्नर पद के लिए स्वीकार नहीं की जाएगी.'

(तस्वीर प्रतीकात्मक है)

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