S M L

'जिन्ना की तस्वीर का विरोध कर रहे छात्रों को गोडसे के मंदिर का भी विरोध करना चाहिए'

जावेद अख्तर ने ट्वीट किया'जिन्ना ना तो शिक्षक थे और ना ही छात्र. उनकी तस्वीर वहां लगना शर्मनाक है. प्रशासन और छात्रों को तस्वीर को वहां से हटाना चाहिए

Updated On: May 03, 2018 06:05 PM IST

FP Staff

0
'जिन्ना की तस्वीर का विरोध कर रहे छात्रों को गोडसे के मंदिर का भी विरोध करना चाहिए'

लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने गुरुवार को कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में लगना शर्मनाक है लेकिन जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें गोडसे के मंदिर का भी विरोध करना चाहिए.

उन्होंने लिखा 'जिन्ना ना तो शिक्षक थे और ना ही छात्र. उनकी तस्वीर वहां लगना शर्मनाक है. प्रशासन और छात्रों को तस्वीर को वहां से हटाना चाहिए. वह लोग जो इस तस्वीर का विरोध कर रहे हैं, उन्हें गोडसे के मंदिर का भी विरोध करना चाहिए.'

AMU में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर से बवाल होने के बाद बीजेपी सांसद सतीश गौतम ने एएमयू के वीसी को पत्र लिखकर इसका कारण पूछा था.

इस पत्र का जवाब देते हुए मंगलवार को यूनिवर्सिटी के छात्र संघ के अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा कि ये तस्वीर यूनिवर्सिटी में आजादी से पहले यानी 1938 में लगाई गई थी. उन्होंने कहा कि जिन्ना पर कोई भी चैप्टर यूनिवर्सिटी में नहीं पढ़ाया जा रहा है. इसी के साथ उन्होंने कहा कि अगर सरकार जिन्ना की तस्वीर हटाने का आदेश देती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi