S M L

कौन थे अंधविश्वास के खिलाफ अभियान चलाने वाले नरेंद्र दाभोलकर

दाभोलकर महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (एमएएनएस) के संस्थापक थे. सन् 1945 में जन्मे दाभोलकर 1980 में सामाजिक कार्यों से जुड़ गए

Updated On: Aug 19, 2018 05:48 PM IST

FP Staff

0
कौन थे अंधविश्वास के खिलाफ अभियान चलाने वाले नरेंद्र दाभोलकर

पुणे की एक अदालत ने अंधविश्वास के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की हत्या मामले के कथित प्रमुख शूटर को 26 अगस्त तक के लिए सीबीआई हिरासत में भेज दिया.

सीबीआई ने शनिवार शाम सचिन प्रकाशराव आंदुरे को गिरफ्तार किया. उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) ए एस मजुमदार की अदालत के सामने पेश किया गया. इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक प्रवक्ता ने बताया था कि औरंगाबाद के निवासी आंदुरे को पुणे से गिरफ्तार किया गया था.

दाभोलकर महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (एमएएनएस) के संस्थापक थे. सन् 1945 में जन्मे दाभोलकर 1980 में सामाजिक कार्य में उतर गए. इसके पहले वे 12 साल तक डॉक्टरी पेशे से जुड़े थे.

अपने सामाजिक कार्यों के दौरान दाभोलकर का पूरा फोकस सामाजिक न्याय स्थापित करने पर रहा. 1980 के उत्तरार्ध में उन्होंने समाज में व्याप्त अंधविश्वास के खिलाफ अभियान चलाया. इसी के मद्देनजर उन्होंने 1989 में एमएएनएस संस्था की शुरुआत की. इस संस्था का प्रमुख काम अंधविश्वास उन्मूलन था, खासकर महाराष्ट्र में.

दाभोलकर स्वयंभू बाबाओं के भी खिलाफ थे. दलितों और वचितों के उत्थान के लिए भी उन्होंने काफी प्रयास किए. साल 2010 के बाद दाभोलकर और उनकी संस्था ने महाराष्ट्र सरकार से अंधविश्वास के खिलाफ कानून पारित कराने की पूरी कोशिश की. हालांकि उनकी कोशिशों को बीजेपी और शिवसेना जैसी पार्टियों का भारी विरोध झेलना पड़ा. इन पार्टियों का मानना था कि ऐसे कानून से हिंदू रीति-रिवाजों को धक्का लग सकता है.

साल 2013 की एक सुबह दाभोलकर जब सैर पर निकले थे, उसी वक्त उनकी हत्या कर दी गई. कई पार्टियों और संगठनों ने इस हत्या की नृशंस भर्त्सना की. दाभोलकर की हत्या के बाद महाराष्ट्र कैबिनेट ने अंधविश्वास और काला जादू निषेध अध्यादेश पारित किया जिसे विधानसभा ने दिसंबर 2013 में पास कर दिया.

पिछले हफ्ते महाराष्ट्र एंटी टेरर स्कॉड (एटीएस) ने दाभोलकर हत्या मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नालसोपरा और सतारा के रहने वाले ये तीनों आरोपी एक कट्टरपंथी हिंदू संस्था से जुड़े हैं. इनमें से एक को सनातन संस्था से जुड़ा बताया जाता है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi