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राजस्थान में जब तूफान मचा रहा था तबाही, तब डॉप्लर रडार पड़ा हुआ था खराब

डॉप्लर रडारों के अलावा मौसम विभाग मौसम का सटीक पूर्वानुमान लगाने के लिए वेधशालाओं और उपग्रहों पर निर्भर रहता है

Bhasha Updated On: May 04, 2018 08:25 PM IST

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राजस्थान में जब तूफान मचा रहा था तबाही, तब डॉप्लर रडार पड़ा हुआ था खराब

मौसम की घटनाओं का सटीक पूर्वानुमान लगाने में एक महत्वपूर्ण घटक के तौर पर काम करने वाला जयपुर स्थित डॉप्लर रडार दो मई की रात को काम नहीं कर रहा था. उसी दिन बेहद तेज गति से धूल भरे आंधी-तूफान ने राजस्थान के कुछ हिस्सों में तबाही मचाई थी. इसमें जान-माल की काफी क्षति हुई और इन घटनाओं में कम-से-कम 35 लोगों की जान चली गई. यह रडार जयपुर के मौसम विभाग कार्यालय के परिसर में स्थित है. मौसम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी.

भारतीय मौसम विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक देवेंद्र प्रधान ने बताया कि फिनलैंड की कंपनी वैसाला द्वारा निर्मित यह डॉप्लर रडार पिछले 10 दिनों से काम नहीं कर रहा है.

प्रधान ने बताया , 'जयपुर का डॉप्लर रडार पिछले 10 दिनों से कुछ तकनीकी खामियों की वजह से खराब पड़ा हुआ है. फिनिश कंपनी वैसाला के इंजीनियर यहां मौजूद हैं. अगले दो-तीन दिनों में समस्या ठीक हो जाएगी.'

डॉप्लर रडारों के अलावा मौसम विभाग मौसम का सटीक पूर्वानुमान लगाने के लिए वेधशालाओं और उपग्रहों पर निर्भर रहता है.

डोप्लर रडार आंधी, तूफान, बारिश का बेहतर आंकलन लगाने में मदद करता है और इससे दो-तीन घंटों के भीतर मौसम अलर्ट जारी करने में भी सहायता मिलती है. प्रधान ने कहा, ‘आपदा प्रबंधन के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण साधन है.’ वर्तमान में देश में कुल 27 डॉप्लर रडार हैं.

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