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लाचार महिला ने सुनाई आपबीती- एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर से जबरदस्ती उठाकर की जांच

विराली मोदी के ट्वीट का जवाब देते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री जयंत सिंहा ने विराली मोदी से माफी मांगी है और सीआईएसएफ को उऩकी शिकायत पर ध्यान देने के लिए कहा है

Updated On: Nov 28, 2018 10:01 AM IST

FP Staff

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लाचार महिला ने सुनाई आपबीती- एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर से जबरदस्ती उठाकर की जांच

एक दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ता ने सीआईएसएफ की एक महिला स्टाफ पर उसे जबरदस्ती उठाने का आरोप लगाया है. 27 वर्षीय विराली मोदी का आरोप है कि मुंबई एयरपोर्ट में जांच के दौरान स्टाफ ने उन्हें जबरदस्ती उनकी व्हीलचेयर से उठा लिया, जिसके बाद से उन्हें शरीर में ऐंठन होने लगी. हालांकि स्टाफ ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की प्रकिया के मुताबिक ही जांच की गई.

विराली मोदी ने कहा, ' मैं सोमवार को जेट एयरवेज की फ्लाइट से मुंबई से लंदन जा रही थी. जांच के दौरान सीआईएसएफ की महिला स्टाफ ने पहले उनकी व्हीलचेयर को स्कैन किया, फिर बार-बार उन्हें खड़ा होने के लिए कहती रहीं. विराली ने कहा कि वह खड़ी नहीं हो सकती लेकिन इसके बावजूद वो जिद करती रही.

विराली ने कहा कि, 'वो मुझे लगातार खड़े होनो के लिए कहती जा रही थी और इसके बाद उन्होंने कहा कि वो मुझे उठाएंगी और मुझे पीछे से पकड़ने के लिए किसी और को बुलाएंगी. विराली ने बताया कि उनके काफी बार मना करने के बाद स्टाफ ने जबरदस्ती उनके पैर को ऊपर उठाया जिससे उनको काफी एंठन हो गई.

विराली मोदी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए. उन्होंन पूछा कि क्या इस तरह सीआईएसएप को ट्रेनिंग दी जाती है. उन्होंने कहा सीआईएसएफ की महिला स्टाफ बहुत असंवेदनशील थी. उन्होंने कहा कि जो उन्होंने मेरे साथ किया वो किसी भी दिव्यांग व्यक्ति के साथ नहीं करना चाहिए.

मुंबई एयरपोर्ट में क्यों नहीं विशेष सेवा?

उन्होंने कहा कि, काफी सारे इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स में केमिकल स्ट्रीप के जरिए दिव्यांग लोगों की व्हीलचेयर और उनके जूते चेक कर सकते हैं और इसके लिए किसी को उनकी व्हीलचेयर से उठाने की जरूरत भी नहीं पड़ती. उन्होंने कहा, मुंबई एयरपोर्ट में ऐसी सुविधा क्यों नहीं है?

विराली मोदी के ट्वीट का जवाब देते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री जयंत सिंहा ने विराली मोदी से माफी मांगी है और सीआईएसएफ को उऩकी शिकायत पर ध्यान देने के लिए कहा है.

इस मामले में सीआईएसएफ ने सफाई देते हुए कहा कि, ' उस समय प्रक्रिया के अनुसार जांच की गई थी और किसी भी तरह की असुविधा जानबूझकर नहीं दी गई थी. सुरक्षा सबसे पहले है. सीआईएसएफ एक प्रतिष्ठित तरीके से दिव्यांगया जरूरतमंद यात्रियों की देखभाल करता है'.

विराली मोदी ने कहा कि बात बस इतनी नहीं है कि एक औरत ने दूसरी औरत का दर्द नहीं समझा, बल्कि बात दिव्यांग के अधिकारों की है.

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