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अफवाहों को रोकना एक चुनौती, मिलकर करना होगा काम

मीडिया में आई खबरों की माने तो हाल के समय में वॉट्सऐप के माध्यम से फैली अफवाह और फेक खबरों के कारण अबतक कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है

FP Staff Updated On: Jul 04, 2018 05:29 PM IST

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अफवाहों को रोकना एक चुनौती, मिलकर करना होगा काम

इंसटैंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप के माध्यम से फैल रही अफवाहों से हो रही हिंसा और लोगों की हत्या के बढ़ते मामले को देखते हुए भारत सरकार ने पत्र लिख कर इस पर लगाम लगाने के लिए वॉट्सऐप से तुरंत कदम उठाने को कहा था. मैसेजिंग ऐप ने पत्र का जवाब देते हुए सरकार से बताया है कि इसको रोकने के लिए वह खास रणनीति अपनाएगा. 3 जुलाई को आईटी मंत्रालय को भेजे गए लेटर में वॉट्सऐप ने लिखा है कि वह लोगों को उन जानकारियों से वाकिफ करा रहा है जिससे लोग सुरक्षित रह सकें. साथ ही वह ग्रुप चैट में भी तब्दीली कर रहा है ताकि फेक मैसेज को फैलने से रोका जा सके.

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को वॉट्सऐप की तरफ से भेजे गए जवाब में कहा गया है कि वह भारत सरकार की तरह ही हिंसा की इन कृत्यों से भयभीत है. आपके द्वारा उठाए गए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई करना चाहते हैं. वॉट्सऐप के माध्यम से कहा गया है कि यह एक चुनौती है जिसके लिए सरकार, नागरिक, समाज और प्रौद्योगिकी कंपनियों को एक साथ मिलकर काम करना होगा.

इन तीन प्रमुख मोर्चे पर काम कर रहा वॉट्सऐप

2 जुलाई को सरकार ने वॉट्सऐप से अपने मंच के माध्यम से 'गैर जिम्मेदार और विस्फोटक संदेश' के फैलाव को तुरंत काबू में करने के लिए कहा था. वॉट्सऐप ने अपने जवाब में तीन प्रमुखों बातों को लिखा है जिसके माध्यम से ऐसी अफवाहों पर काबू किया जा सकता है- प्रोडक्ट कंट्रोल, डिजिटल लिटरेसी और फैक्ट चेकिंग एवं गलत व्यवहार पर तत्काल कार्रवाई.

वॉट्सऐप ने कहा कि हम लोगों को नियमित रूप से बता रहे हैं कि ऑनलाइन सेफ कैसे रहें. उदाहरण के तौर पर हम हर रोज बताते हैं कि कैसे फेक न्यूज को पहचानें. साथ ही हम जल्द ही इस संबंध में एजुकेशनल मटेरियल मुहैया कराएंगे. इस साल पहली बार हमने फैक्ट चेकिंग संगठन के साथ काम करना शुरू कर दिया है ताकि अफवाहों और फेक खबर को फैलने से रोका जा सके और वॉट्सऐप का इस्तेमाल करते हुए उसका जवाब दिया जा सके.

फेसबुक कर रहा है नया लेबल टेस्ट

वॉट्सऐप ने कहा है कि वह भारत में लंबे समय तक पब्लिक सेफ्टी कैंपेन चलाना चाहता है और इसके लिए वह पिछले कुछ समय से नया लेबल टेस्ट कर रहा है. यह लेबल दिखाता है कि यूजर ने कब मैसेज फॉरवर्ड किया और कब क्या लिखा. इसके जरिए जिस यूजर को मैसेज भेजा गया है उसे पता चल जाएगा कि जो कंटेंट वह पढ़ रहा है वह सामने वाले ने लिखा है या किसी अफवाह को फैलाने के लिए भेजा गया है. उन्होंने लिखा है कि वे यह फीचर जल्द ही लॉन्च करने जा रहे हैं.

मीडिया में आई खबरों की माने तो हाल के समय में वॉट्सऐप के माध्यम से फैली अफवाह और फेक खबरों के कारण अबतक कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है.

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