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वॉट्सऐप ग्रुप में फॉरवर्ड किया था आपत्तिजनक मैसेज, 'डिफॉल्ट एडमिन' 5 महीने से है जेल में

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में रहने वाले 21 वर्षीय जुनैद आई टी एक्ट और देशद्रोह (आईपीसी सेक्शन 124A) के मामले में बीते पांच महीने से जेल में है

Updated On: Jul 23, 2018 10:45 AM IST

FP Staff

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वॉट्सऐप ग्रुप में फॉरवर्ड किया था आपत्तिजनक मैसेज, 'डिफॉल्ट एडमिन' 5 महीने से है जेल में

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में रहने वाले 21 वर्षीय जुनैद आई टी एक्ट और देशद्रोह (आईपीसी सेक्शन 124A) के मामले में बीते पांच महीने से जेल में हैं. जुनैद को बतौर ग्रुप एडमिन वॉट्सऐप पर आए आपत्तिजनक फॉरवर्डेड मैसेज के खिलाफ कोई शिकायत या एक्शन न लेने के जुर्म में बीते 15 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया गया था. जेल में सजा काटते हुए उसे अब पांच महीने हो गए हैं.

इस बीच जुनैद के परिवार वालों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जिस ग्रुप पर फॉर्वर्ड हुए मैसेज की वजह से जुनैद के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, उस ग्रुप का एडमिन तो वो था ही नहीं. जुनैद तो ग्रुप का डिफॉल्ट  डमिन बन गया था.

असल में मामला फरवरी महीने का है. जब जुनैद एक वॉट्सऐप ग्रुप में जुड़ा हुआ था. उस ग्रुप के तत्कालीन एडमिन ने एक आपत्तिजनक फॉर्वर्ड मैसेज ग्रुप में डाला और फिर ग्रुप के सदस्यों द्वारा मैसेज के हुए विरोध के बाद तुरंत ग्रुप छोड़ दिया. जिसके बाद जुनैद ग्रुप का डिफॉल्ट एडमिन बन गया.

मामला पुलिस थाने पहुंचा. कुछ स्थानीय लोगों ने ग्रुप के एडमिन और मैसेज भेजने वाले के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत के ऊपर कार्रवाई करते हुए इरफान और ग्रुप के डिफॉल्ट एडमिन बन चुके जुनैद के खिलाफ देशद्रोह और आई टी एक्ट के तहत केस दर्ज कर दिया.

जुनैद के परिवार वालों के दावे से असंतोष में है पुलिस

अब मामला यहीं फंसा हुआ है. जहां एक तरफ जुनैद के परिवार वाले ये दावा कर रहे हैं कि जिस वक्त वह आपत्तिजनक मैसेज ग्रुप में डाला गया था, तब ग्रुप का एडमिन जुनैद नहीं इरफान था. जुनैद तो इरफान के ग्रुप छोड़ देने के बाद डिफॉल्ट एडमिन बन गया था. वहीं पुलिस का मानना है कि जब वह मामले की जांच कर रही थी तब जुनैद ही ग्रुप का एडमिन था. अगर ऐसा कुछ नहीं होता तो जुनैद के परिवार वालों ने पहले ही इस पर आपत्ति क्यों नहीं जताई थी?

अब जब कोर्ट में चालान जमा कर दिया गया है, तब अचानक ये कह रहे हैं कि वो डिफॉल्ट एडमिन था. लेकिन फिर भी अगर इस बात को सही साबित करने वाला कोई तथ्य हो उनके पास तो कोर्ट में पेश करें.

इस बीच जुनैद ने अपने वार्षिक परीक्षा में शामिल होने के लिए कोर्ट से बेल की मांग की थी. जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. बता दें कि पुलिस ने जुनैद के साथ ही इरफान को भी गिरफ्तार किया था. फिलहाल पुलिस ने मामले की दोबारा जांच करने की बात कही है. पुलिस ने कहा है कि वह यह सुनिश्चित करेगी कि ग्रुप के कई एडमिन तो नहीं.

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