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वैलेंटाइंस डे: अकेले हैं तो क्या गम है!

आंटी के बेतुके सवालों की फिक्र छोड़ वैलेंटाइन कपल के मजे लीजिए

Tulika Kushwaha Updated On: Feb 14, 2017 07:54 PM IST

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वैलेंटाइंस डे: अकेले हैं तो क्या गम है!

आज वैलेंटाइंस डे है. किस-किसको फर्क पड़ रहा है कि आज वैलेंटाइंस डे है? आपकी मम्मी,पापा भाई को पड़ता है. यहां तक कि आपके मुहल्ले की आंटी को भी पड़ता है. फैमिली को डर है कि कहीं आपको कोई प्रपोज न कर दे और मुहल्ले की आंटी सोचती हैं कि आज ये लड़की कहां और किससे मिलने जा रही है.

अगर आप किसी कस्बाई इलाके से आती हैं, तो या तो आप वैलेंटाइंस पर भोंदू बन सकती हैं या बड़ी दिलचस्प कहानियां कह सकती हैं.

ऐसा नहीं है कि मेट्रो सिटी की लड़कियां ये सब कुछ नहीं झेल रहीं लेकिन एक कस्बाई लड़की का वैलेंटाइंस कैसा गुजरता है, ये भी एक अलग ही कहानी होती है.

जैसे, अगर आपने छोटे शहर में रहकर प्यार कर लिया तो, आपने मुहल्ले में बम फोड़ने जैसा काम तो कर ही लिया है.

अगर आप एक कॉलेज गोइंग टीनएजर हैं और आपकी जिंदगी में ऐसा कोई शख्स नहीं है, जो शाम को आपको घर छोड़ते हुए सड़क के उस पार से हाथ हिलाकर बाय करे, तो आप इन लाइनों को बेहतर समझ पाएंगी.

सिंगल टीनएजर लड़की की आपबीती

एक टीनएजर वैलेंटाइंस डे के बारे में क्या सोचती है? सबसे पहली बात क्या वो सिंगल है? क्या रिलेशनशिप में है? क्या वो एक अदद प्रिंस चार्मिंग की चाह है, जो उसे वैलेंटाइंस डे का मतलब समझा सके? भई, सबको होती है. आपको भी होगी. तो परेशानी क्या है?

परेशानी आपके सोशल सर्किल में है. इन्हीं लोगों ने आपके प्यार-मुहब्बत को हौव्वा बना रखा है. ये आपको किसी लड़के के साथ वैसे ही देखेंगे, जैसे आपने जेंडर चेंज करवा लिया हो.

ऐसी सोसाइटी खुद प्यार करेगी, शादी करेगी, बच्चे पैदा करेगी लेकिन आपका प्यार करना उन्हें मंजूर नहीं. ऐसी सोसाइटी, जो लव-रिलेशनशिप जैसे मुद्दों को उतना ही बड़ा हौव्वा बनाकर रखती है, जितना किसी का कत्ल कर देना. ऑनर किलिंग यूं ही थोड़ी न हो रही है.

वैलेंटाइंस डे को बेस्वाद बनाने की अन्य वजहें

एक लड़की, जो यंग है, सोशली एक्टिव है लेकिन एवरेज दिखती है, उसके लिए एक परेशानी ये कि वो खूबसूरत नहीं, उन्हें कोई अप्रोच नहीं करेगा.

ओह, कहीं आप ये तो नहीं सोच रहीं कि, हुंह लड़कियां कबसे इस पचड़े में पड़ने लगीं, उन्हें कबसे फर्क पड़ने लगा कि वो सिंगल हैं, उन्हें कोई नहीं पूछ रहा. लड़कियां इतनी फ्रस्टेटेड नहीं होतीं कि ऐसी सोच रखें.

लेकिन टीनएज में लड़कियां कभी न कभी इस एहसास से जरूर गुजरती हैं. कभी न कभी उन्हें भी कोई चाहिए ही होता है, जो उनकी बकवास झेल सके.

तो ये लॉजिक बेकार है कि वो कभी अपने लुक और पर्सनैलिटी को सिंगल होने की वजह नहीं मानतीं.

वो अपने लुक को कोसती भी हैं, अच्छा दिखने का जतन भी करती हैं. और चुपके-चुपके हर लड़के (कम से कम गुडलुकिंग) में कम से कम एक पार्टनर की खूबियां भी ढूंढती हैं.

क्या होता है खूबसूरत ना होने का एहसास होना?

 REUTERS

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खैर, वैलेंटाइंस डे का असली मजा तो रेड रोज, रेड बलून, केक, गिफ्ट और एक प्यारी सी मुलाकात में ही है. अगर आप एक ऐसी लड़की हैं, जिसका वैलेंटाइन इस वक्त इन सारी तैयारियों में जुटा है, तो आप लकी हैं. इसका मतलब ये नहीं कि एक वैलेंटाइन न होने भर से दूसरी लड़कियां अभागी हो गईं.

लकी इसलिए क्योंकि कुछ ऐसी लड़कियां भी हैं, जो सिंगल हैं और खुद को इस लायक नहीं समझतीं कि किसी लड़के को अप्रोच कर अपना वैलेंटाइन बना सकें. हालांकि, ये तबतक जरूरी नहीं, जब तक कि वो सिंगलशिप में खुश हैं.

अगर आप कहीं खूबसूरत लड़कियों के लिस्ट से बाहर हैं, तो बड़ी मुश्किल है. तो भई, खूबसूरती की परिभाषा क्या है? मुझे लगता है ये सवाल इतनी बार पूछा जा चुका है कि अब इसे यूनिवर्सल सवालों की लिस्ट से बाहर हो जाना चाहिए.

वैसे इन सवालों का तबतक कोई मतलब नहीं, जबतक आप एक हसीना हैं और आपके पीछे लड़कों की लाइन लगी पड़ी है. लेकिन ये तब जरूरी हो जाता है, जब आप पर यंग चार्मिंग लेडी का जुमला फिट न बैठता हो. किसी की नजरें आप पर ठहरकर न रह जाती हों और आप उन लड़कियों से अलग हों, जो कुछ भी कर ले खूबसूरत ही नजर आती हैं.

वैलेंटाइंस डे पर तो ये दर्द और भी बढ़ जाता होगा. क्योंकि जोड़ों की जनसंख्या में आए विस्फोट को तो नजरअंदाज किया भी जा सकता है लेकिन लाल रंग में रंग चुके मॉल, रेस्टोरेंट्स, दुकानें और दोस्तों के चेहरों से कैसे पीछा छुड़ा सकती हैं?

तो ऐसी लड़की को राहत कहां है?

ये मौका खुद से प्यार करने का मौका भी साबित हो सकता है क्योंकि आप इतनी फ्री हैं कि आप किसी की बकवास नहीं झेल रहीं. आपको किसी के साथ ये बहस नहीं करना पड़ेगा कि आपने सोशल पर किसकी फोटो लाइक की, किसपर कमेंट किया. आप मोटी दिखती हैं या स्किनी. फ्रेश दिख रही हैं या सोकर उठकर चली आ रही हैं.

तो या तो आप इस पर जरा गहरे जाकर दिमाग खर्च कर सकती हैं, जो पैसे खर्च होंगे वो अलग. क्योंकि कोई और आपका खर्च नहीं देख रहा सारी प्रॉब्लम ही सिंगल होने की है. या फिर जाइए खाइए-पीजिए और किसी वैलेंटाइन कपल का मजाक उड़ा कर आइए. इसका भी अपना अलग ही मजा है.

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