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दिल्ली प्रदूषणः किसानों ने कहा- हम जमीन साफ करते रहेंगे, स्मॉग को रोकने की जिम्मेदारी सरकार की

हर साल नवंबर महीने में उत्तर भारत में वायु प्रदूषण का स्तर इतना अधइक बढ़ जाता है कि जबरन स्कूलों को बंद करना पड़ता है और अस्पतालों में सांस की बीमारी से संबंधित लोग अपना इलाज करवाने पहुंचते हैं

Updated On: Oct 21, 2018 11:40 AM IST

FP Staff

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दिल्ली प्रदूषणः किसानों ने कहा- हम जमीन साफ करते रहेंगे, स्मॉग को रोकने की जिम्मेदारी सरकार की
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हरपाल सिंह अपने खेतों को जलते देख रहे थे, उससे निकलने वाला धुंआ हल्का कोहरा बनकर नई दिल्ली की तरफ जा रहा था. ये धुंआ एकबार फिर दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाकों में एक दिल्ली को एक बार फिर नई पहनाच दिलाएगा. हर साल नवंबर महीने में उत्तर भारत में वायु प्रदूषण का स्तर इतना अधइक बढ़ जाता है कि जबरन स्कूलों को बंद करना पड़ता है और अस्पतालों में सांस की बीमारी से संबंधित लोग अपना इलाज करवाने पहुंचते हैं.

सर्दियों के शुरू होते ही प्रदूषण बढ़ता है

सर्दियों के शुरू होते ही ठंडी हवा कार से निकलने वाले धुएं को अपने साथ बहा ले जाती है, फैक्टरियों से निकलने वाला धुंआ और कंस्ट्रक्शन साइट से निकलने वाले धूल-कण हवा को जहरीला बनाते हैं जो कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की सुरक्षा सीमा से लगातार 30 गुणा बढ़ता जा रही है. हरपाल सिंह की तरह दूसरे किसान भी अब जल्द ही अपने खेतों की जमीन की सफाई करने के चलते उसमें आग लगाएंगे. हालांकि इन लोगों के पता है कि ऐसा करना कानूनी तौर पर अपराध है लेकिन उनके पास कोई और दूसरा उपाय नहीं है.

किसानों पर खेत जलाने के लिए लगता है जुर्माना

दिल्ली से 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हरियाणा के ईशारगढ़ के रहने वाले हरपाल सिंह ने कहा कि हमारे पास जमीन को साफ करने के लिए दूसरा कोई जरिया नहीं है. खेतों से निकलने वाला ये धुंआ दिल्ली का राह पर निकल चुका है और जल्द ही स्मॉग की शुरुआत हो जाएगी. हालांकि आपको बता दें कि किसान अगर ऐसा करते हैं तो उन पर करीब 15000 रुपए का जुर्माना लगाया जाता है. वहीं हरियाणा के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी एस नारायणन ने बताया है कि किसानों पर जुर्माना लगया जा रहा है जिससे आग लगाने की इस पद्धति में 40 फीसदी की कमी दर्ज की गई है.

वायु प्रदूषण के मामले में दिल्ली बहुत आगे

उन्होंने कहा- हमारा उद्देश्य सिर्फ जुर्माना लगाना ही नहीं बल्कि किसानों को इस स्मॉग के बारे में शिक्षित करना भी है. वहीं हरपाल सिंह का कहना है कि लोग वायु प्रदूषण के लिए खेतों से निकलने वाले धुएं और किसानों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं लेकिन शहों में चलने वाली गाड़ियों का धुंआ और फैक्टरियों से निकलने वाले धुएं का क्या. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने भारत के 14 राज्यों को चिन्हित कर लिया है जो कि वायु प्रदूषण को बढ़ाने में सबसे आगे हैं और दिल्ली उनमें से एक है.

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