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स्कूल की छुट्टियों में भी मिड-डे मील उपलब्ध कराया जाए: HRD

HRD विभाग द्वारा संचालित यह योजना पहले से ही ‘सीरियस फाइनेंशियल क्राइसिस’ से जूझ रही है

Updated On: Oct 27, 2017 04:43 PM IST

Bhasha

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स्कूल की छुट्टियों में भी मिड-डे मील उपलब्ध कराया जाए: HRD

झारखंड में पिछले दिनों कथित रूप से भुखमरी के चलते एक बच्ची की मौत के संदर्भ में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को  कहा कि स्कूल की छुट्टियों के दौरान भी मिड डे मील उपलब्ध कराने की संभावनाओं का रास्ता तलाशा जाना चाहिए.

अधिकारी ने कहा कि ये स्पष्ट है कि 11 साल की बच्ची को खाना मिलता था.ये भी सत्य है कि वह स्कूल में छुट्टियों के दौरान इसका लाभ नहीं ले सकी और इसी के चलते उसकी मौत हुई.

सचिव रीना रे ने क्या कहा? 

मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) के अंतर्गत स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग में विशेष सचिव रीना रे ने कहा की 'क्या हम अत्यंत गरीब तबके के लिए कुछ ऐसा नहीं सोच सकते जिसमें हम उन्हें छुट्टियों के दौरान भी शाम को भोजन उपलब्ध करा सकें?’

शाम को भोजन योजना के तहत कक्षा एक से आठ में पढ़ने वाले 6 से 14 साल के हर स्कूली बच्चे को निश्चित नोटीफाइड नुट्रिशन स्टैण्डर्ड  के आधार पर पका हुआ गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाता है. यह योजना एचआरडी मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अंतर्गत आती है.

अधिकारी यहां राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा आयोजित बच्चों, स्तनपान कराने वाली माताओं और गर्भवती महिलाओं के संदर्भ में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 को लागू करने के विषय पर आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन में बोल रही थीं.

उन्होंने माना कि इस तरह के कदम में भारी वित्तीय खर्च आने की संभावना है और उनके विभाग द्वारा संचालित यह योजना पहले से ही ‘सीरियस फाइनेंशियल क्राइसिस’ से जूझ रही है.

इस अवसर पर महिला और बाल विकास सचिव राकेश श्रीवास्तव ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने हाल ही में बच्चों में कुपोषण की स्थिति की समीक्षा के लिए तीन महीने में कम से कम एक बार बैठक करने का निर्देश दिया है.

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