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महाराष्ट्र विधानसभा में घुसा बारिश का पानी, बिजली गुल, निशाने पर फडणवीस सरकार

विपक्षी कांग्रेस और एनसीपी के नेता के कुछ बोलना चाहते थे लेकिन बिजली नहीं होने की वजह से माइक काम नहीं कर रहे थे और उनकी आवाज सुनाई नहीं दी

Updated On: Jul 07, 2018 12:09 PM IST

Bhasha

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महाराष्ट्र विधानसभा में घुसा बारिश का पानी, बिजली गुल, निशाने पर फडणवीस सरकार
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नागपुर स्थित महाराष्ट्र विधान भवन में शुक्रवार को भारी बारिश के कारण बिजली गुल हो गई. स्विच रूम में पानी भी भर गया. इस कारण विधान मंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चल सकी. इस घटना से सरकार की काफी किरकिरी हुई और विपक्ष के साथ ही अपनों के भी निशाने पर भी आ गई.

विधानसभा और विधान परिषद की शुक्रवार सुबह बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद अंधेरे की वजह से कार्यवाही रोक दी गई. शहर में भारी बारिश के बाद विधान भवन में बिजली सप्लाई वाले स्विचिंग रूम में पानी भरने के कारण बिजली बंद करनी पड़ी.

नागपुर को महाराष्ट्र की दूसरी राजधानी समझा जाता है. शहर में हर साल विधानसभा का शीतकालीन सत्र होता है और 1961 के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है कि शहर में मॉनसून सत्र का आयोजन हो रहा है. नागपुर शहर में गुरुवार रात भारी बारिश हुई थी और शुक्रवार सुबह 10 बजे जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सदन में अंधेरा पसरा था. विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे ने सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी और कहा कि स्विचिंग रूम में पानी भरने से इसे बंद किया गया है.

मोबाइल टॉर्च से चला काम

शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने बताया कि इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा अध्यक्ष के कमरे में अलग-अलग पार्टियों के नेताओं की बैठक बुलाई. यहां दिन भर के लिए विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करने का फैसला किया गया.

सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो विधानसभा अध्यक्ष को उनकी सीट पर पहुंचाने के लिए सुरक्षा स्टाफ को अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलानी पड़ी. बागडे ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने का ऐलान किया.

विपक्षी कांग्रेस और एनसीपी के नेता के कुछ बोलना चाहते थे लेकिन बिजली नहीं होने की वजह से माइक काम नहीं कर रहे थे और उनकी आवाज सुनाई नहीं दी. इसी तरह दोपहर में जब विधान परिषद की कार्यवाही शुरू हुई तो सभापति नाइक निंबालकर ने सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया.

मुख्यमंत्री ने बाद में कहा, ‘मानसून के दौरान शहर में दो-तीन बार भारी बारिश होती है लेकिन शुक्रवार की बारिश बहुत भारी थी. स्विचिंग रूम हमेशा से अंडरग्राउंड होता है और इसमें पानी भर गया.’

बिजली पर पार्टियों की राजनीति शुरू

सत्तारूढ़ बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने फौरन सरकार की आलोचना की. सदन में शिवसेना के नेता सुनील प्रभु ने कहा, ‘नागपुर दूसरी राजधानी है और खास शहर है. नागपुर नगर निगम बीजेपी चलाती है. विधानसभा सत्र की कार्यवाही बारिश की वजह से न रुके, यह तय करने के लिए इसे इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराना चाहिए था.’

अगर यह मुंबई में हुआ होता तो शिवसेना के कब्जे वाले मुंबई नगर निकाय की आलोचना हो रही होती. हर कोई बृहन्नमुंबई महानगरपालिक (बीएमसी) के खिलाफ जांच की मांग कर रहा होता.

ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि बारिश ने विधानसभा की कार्यवाही को इस तरह से रोका है. यह शायद नालों की साफ-सफाई नहीं किए जाने के कारण हुआ है.

वरिष्ठ एनसीपी नेता अजीत पवार ने कहा कि जो भी हुआ है वह गलत और निदंनीय है. यह दुखद है कि विधानसभा अध्यक्ष को व्यक्तिगत तौर पर स्विचिंग पैनल से पानी निकालने के काम की निगरानी करनी पड़ी.

उन्होंने कहा कि सरकार ने नागपुर में मॉनसून सत्र आयोजित कराने का फैसला करने में देरी की जिस वजह से अधिकारियों के पास इंतजाम के लिए कम वक्त था.

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