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देश के सभी 543 संसदीय क्षेत्रों में पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने की तैयारी में सरकार

लोगों की पासपोर्ट सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने के लिए भारत सरकार लगातार कदम उठा रही है.

Updated On: Nov 22, 2018 06:54 PM IST

Bhasha

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देश के सभी 543 संसदीय क्षेत्रों में पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने की तैयारी में सरकार

लोगों की पासपोर्ट सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने के लिए भारत सरकार लगातार कदम उठा रही है. इसी क्रम में सरकार सभी 543 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में 'पासपोर्ट सेवा केंद्र' खोलने की तैयारी कर रही है.

विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने बताया कि लोगों की पासपोर्ट सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने के लिए सरकार देश के सभी 543 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने की योजना में है. अमेरिका में भारतीय दूतावास में आयोजित पासपोर्ट सेवा क्रार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान सिंह ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि भारत के साथ-साथ विदेश में भी किसी भारतीय नागरिक को पासपोर्ट पाने में दिक्कत न हो.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम से भारत में पासपोर्ट सेवाओं के वितरण में बड़ा परिवर्तन आया है. उन्होंने कहा 'यह परियोजना विदेश में भारतीय नागरिकों को बेहतर सेवाएं मुहैया कराएगी. यह सेवा वास्तविक मायने में नागरिकों के लिए हैं.' उन्होंने कहा कि नई प्रणाली से पासपोर्ट के लिए आवेदन करना आसान हो जाएगा. पासपोर्ट बनाने के काम में कितनी प्रगति हुई है इसका भी पता लगाया जा सकेगा.

पासपोर्ट से जुड़ी सेवाओं में बढ़ोतरी

सिंह ने कहा कि सरकार की योजना मार्च, 2019 तक देश के सभी 543 संसदीय क्षेत्रों में पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करने की है. उन्होंने कहा, 'हमारी योजना भारत में हर मुख्य डाकघर में एक पासपोर्ट सेवा केंद्र रखने की है ताकि लोगों को पासपोर्ट सेवाओं के लिए 50-60 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़े. मंत्री ने कहा कि 2017 में पासपोर्ट से जुड़ी सेवाओं में 19 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. मासिक आधार पर आवेदन जमा होने का आंकड़ा पहली बार दस लाख को पार कर गया है. 'पासपोर्ट सेवा' प्रणाली के माध्यम से छह करोड़ से अधिक पासपोर्ट जारी किए गए हैं.

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