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प्रत्यर्पण होने पर भारत के इस जेल में रखा जाएगा माल्या को

भारत और ब्रिटेन के बीच 1992 में प्रत्यर्पण संधि पर दस्तखत हुए थे लेकिन इस व्यवस्था के तहत अब तक केवल एक का ही प्रत्यर्पण हो पाया है

Bhasha Updated On: Jul 31, 2018 09:50 PM IST

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प्रत्यर्पण होने पर भारत के इस जेल में रखा जाएगा माल्या को

गृह मंत्रालय ने कहा है कि भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को प्रत्यर्पण के बाद मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा जो देश की सबसे अच्छी जेलों में से एक है.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि भारत की जेलें दुनिया के किसी अन्य देश की जेलों जितनी ही अच्छी हैं और भारतीय जेलों में कैदियों के अधिकारों को पूर्ण संरक्षण मिलता है. माल्या का अपनी जान पर खतरा होने का डर गुमराह करने वाली बात है.

यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब ब्रिटेन की एक अदालत ने भारतीय अधिकारियों से तीन हफ्ते के अंदर आर्थर रोड जेल का एक वीडियो जमा कराने का आदेश दिया है. भारतीय बैंकों का, 9000 करोड़ रुपए का ऋण न चुकाने के मामलों के सिलसिले में प्रत्यर्पण के बाद 62 वर्षीय विजय माल्या को इसी जेल में रखने की योजना है.

अधिकारी ने कहा कि आर्थर रोड जेल में कैदियों के उपचार के लिए समुचित चिकित्सा सुविधाएं हैं जहां माल्या को विचाराधीन कैदी के रुप में सुरक्षा मिलेगी. यह जेल अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उच्च सुरक्षा प्राप्त जेल है.

केंद्र सरकार ने आर्थर रोड जेल के कैदियों को मिली सुरक्षा का पहले ही मूल्यांकन किया था और उसकी रिपोर्ट ब्रिटिश अदालत को सौंपी थी.

माल्या मार्च, 2016 से ब्रिटेन में है और उसे प्रत्यर्पण वारंट पर 18 अप्रैल को स्कॉटलैंड यार्ड ने गिरफ्तार किया था. लेकिन उसे शीघ्र ही अदालत से जमानत मिल गई थी.

भारत और ब्रिटेन के बीच 1992 में प्रत्यर्पण संधि पर दस्तखत हुए थे लेकिन इस व्यवस्था के तहत अब तक केवल एक का ही प्रत्यर्पण हो पाया है.

इस व्यवस्था के तहत प्रत्यार्पित समीरभाई विनूभाई पटेल को पिछले साल अक्टूबर में भारत भेजा गया था ताकि वह 2002 के गोधरा कांड के बाद भड़के दंगों में अपनी कथित संलिप्तता को लेकर मुकदमे की कार्रवाई का सामना कर सकें. हालांकि माल्या के विपरीत उसने बिना किसी कानूनी चुनौती के प्रत्यर्पण आदेश को स्वीकार कर लिया था.

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