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माल्या को वापस लाने का प्रयास तेज, ईडी और सीबीआई की टीम लंदन पहुंची

माल्या पर बैंकों से 9 हजार करोड़ रुपए का लोन लेकर उसे वापस न करने का आरोप है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Jul 19, 2017 04:25 PM IST

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माल्या को वापस लाने का प्रयास तेज, ईडी और सीबीआई की टीम लंदन पहुंची

भारत सरकार ने शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन के साथ राजनयिक प्रयास तेज कर दिए हैं. सीबीआई और ईडी के कई अधिकारी पिछले कई दिनों से लंदन में डेरा डाले हुए हैं.

भारतीय जांच एजेंसियां खासकर विजय माल्या और ललित मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर कई स्तर पर काम रही हैं. एक तरफ जहां जांच एजेंसियां पूरी मुस्तैदी के साथ ब्रिटेन की अदालत में अपना पक्ष रख रही है. वहीं डिप्लोमेटिक स्तर पर भी प्रयास तेज किए गए हैं.

भारत ने ब्रिटेन को 57 भगोड़ों की लिस्ट सौंपी थी

केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि पिछले 10 दिनों से ब्रिटेन के दौरे पर थे. राजीव महर्षि 18 जुलाई को ही दिल्ली लौटे हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गृह सचिव राजीव महर्षि ने ब्रिटेन के गृह सचिव पेस्टी विल्किंसन से कई बार मुलाकात की.

राजीव महर्षि ने भारत में अपराध कर वहां रह रहे अपराधियों के मुद्दे पर कई दौर में चर्चा की है. बातचीत में खासकर शराब कारोबारी विजय माल्या और ललित मोदी पर ज्यादा जोर दिया गया है.

गृह सचिव ने भारत में प्रत्यर्पण करने की कानूनी प्रक्रियाओं के विभिन्न पहलुओं पर ब्रिटेन के गृह सचिव से बात की है.

सूत्रों के मुताबिक दोनों सचिवों के बीच आतंकवाद और अपराधियों पर खुफिया जानकारियों के आदान-प्रदान और खालिस्तानी आतंकियों और समर्थकों पर सहयोग को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. हम आपको बता दें कि शराब कारोबारी विजय माल्या और आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी समेत भारत के कई वांछित अपराधी ब्रिटेन में रह रहे हैं.

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा की पिछले साल भारत यात्रा के दौरान भी भारत ने ब्रिटेन को 57 भगोड़ों की लिस्ट सौंपी थी. ब्रिटेन ने भी ऐसे 17 भगोड़ों की लिस्ट भारत को दी थी, जो ब्रिटेन की अदालत में दोषी हैं.

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दोनों मुल्कों के बीच प्रत्यर्पण की संधि 1992 में हो गई थी, पर समझौते के इतने दिनों बाद भी ब्रिटेन ने आज तक किसी भी भगोड़े को भारत को नहीं सौंपा है. इसके उलट भारत अब तक दो लोगों को ब्रिटेन को सौंप चुका है.

साल 2008 में भारत हाना फॉस्टर की हत्या के मामले में एक भारतीय मनिंदर पाल सिंह कोहली को ब्रिटेन को प्रत्यर्पित कर चुका है.

एक और मामला था, जिसमें भारतीय मूल के एस. देववानी को ब्रिटेन को सौंपा गया था. देववानी पर आरोप था कि ब्रिटेन मूल की रहने वाली अपने पत्नी की उसने हनीमून के दौरान दक्षिण अफ्रीका में हत्या कर दी थी. जिसके बाद वह भारत भाग आया था.

9 हजार करोड़ का लोन लेकर भारत से भागे थे माल्या

भारत ने ब्रिटेन को जो लिस्ट सौंपी है, उसमें शराब कारोबारी विजय माल्या और पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी के साथ-साथ गुजरात ब्लास्ट, पंजाब सिख दंगा, डिफेंस डील, हत्या और यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोपी हैं.

हाल ही में संपन्न हुए जी-20 की बैठक में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा से हुई मुलाकात में भी विजय माल्या समेत दूसरे अपराधियों के प्रत्यर्पण पर चर्चा भी हुई थी.

माल्या पर बैंकों से 9 हजार करोड़ रुपए का लोन लेकर उसे वापस न करने का आरोप है. वहीं पूर्व आईपीएल प्रमुख ललित मोदी पर आईपीएल की डील को लेकर अनियमितताएं बरतने का आरोप है.

विजय माल्या साल 2016 से ही लंदन में मौज काट रहा है. भारत ने ब्रिटेन सरकार से माल्या को भारत को सौंपने की कई बार अपील की है.

पिछले दिनों भारत की मांग पर सुनवाई करते हुए लंदन प्रशासन ने माल्या को रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर गिरफ्तार भी किया था, पर कुछ ही देर में वहां की एक अदालत ने माल्या को जमानत दे दी थी.

देखना ये होगा कि थेरेसा मे की पिछले दिनों पीएम मोदी और गृह सचिव से हुई मुलाकात के कुछ नतीजे निकलेंगे या फिर स्थिति पहले जैसा ही रहेगी.

खास बात ये है कि प्रधानमंत्री बनने से पहले थेरेसा खुद ब्रिटेन में गृहमंत्री थीं, और उनके समय में भारत की प्रत्यर्पण की मांग के कई मामले लटकाए गए थे.

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