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52 सालों में पहली बार होंगे VHP में चुनाव, क्या होगी तोगड़िया की भूमिका?

यह चुनाव 14 अप्रैल को गुरुग्राम में होगा, इससे पहले अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए पिछले साल 29 दिसंबर को भुबनेश्वर में वीएचपी के सदस्यों की बैठक हुई थी.

Updated On: Apr 11, 2018 09:26 AM IST

FP Staff

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52 सालों में पहली बार होंगे VHP में चुनाव, क्या होगी तोगड़िया की भूमिका?

विश्व हिंदू परिषद 52 सालों में पहली बार अपने अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए चुनाव करवाने जा रहा है. इस पद के लिए दो उम्मीदवार मैदान में हैं और परिषद के सदस्यों में किसी एक के नाम पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद चुनाव कराने का फैसला किया गया है.

यह चुनाव 14 अप्रैल को गुरुग्राम में होगा. इससे पहले अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए पिछले साल 29 दिसंबर को भुबनेश्वर में वीएचपी के सदस्यों की बैठक हुई थी. इस बैठक में किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई थी. इस बार भी वही दोनों उम्मीदवार आमने-सामने हैं- वर्तमान अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष राघव रेड्डी और हिमाचल प्रदेश के पूर्व गवर्नर एवं एमपी हाईकोर्ट के पूर्व जज विष्णु सदाशिव कोकजे.

इन दोनों में से जो भी चुनाव जीतेगा वह वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया की जगह लेगा. तोगड़िया पिछले कुछ सालों में परिषद का चेहरा बनकर उभरे हैं. आरएसएस के हिंदुत्व एजेंडे में तोगड़िया की भूमिका के लिहाज से चुनाव के फैसले ने आरएसएस, वीएचपी और बीजेपी के बीच दरार को उजागर कर दिया है.

 किसका समर्थन करेंगे तोगड़िया

तोगड़िया रेड्डी का समर्थन करेंगे जो अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर अपनी लगातार तीसरी पारी के लिए चुनाव में खड़े हैं. वीएचपी में अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष को परिषद के सदस्य मतदान की प्रक्रिया से चुनते हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का चयन निर्वाचित अध्यक्ष करता है. रेड्डी ने दोनों बार तोगड़िया को चुना है.

वीएचपी के जॉइंट जनरल सेक्रेटरी सुरेंद्र जैन ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए 14 अप्रैल को गुरुग्राम में चुनाव होने जा रहा है. इस पद के लिए राघव रेड्डी और वीएस कोकजे के बीच मुकाबला है. पिछली बार आम सहमति नहीं बन पाई थी, इस प्रक्रिया को पूरी करने के लिए हम दोबारा बैठक कर रहे हैं.'

News 18.com से बातचीत में तोगड़िया ने कोकजे की उम्मीदवारी पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि वह रेड्डी का समर्थन करेंगे. उन्होंने कहा, 'रेड्डी युवा हैं, हिंदुत्व के लिए समर्पित हैं और उन्हें अशोक सिंघल ने चुना है. अगर कोकजे चुने जाते हैं तो यह तय है कि मैं कैबिनेट में नहीं रहूंगा.' उन्होंने आगे कहा, 'यह चौंकाने वाला है कि जो व्यक्ति एक संवैधानिक पद पर रह चुका है वह एक सामाजिक-धार्मिक संगठन के चुनाव में खड़ा हो रहा है. वह 20 साल पहले पद से रिटायर हुए और उन्होंने हिंदुत्व के लिए कभी कुछ नहीं किया. फिर वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं.'

क्या राजनीतिक दवाब के कारण हो रहे हैं चुनाव

तोगड़िया के मुताबिक वीएचपी पर राजनीतिक दबाव की वजह से चुनाव कराना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, '52 सालों में मैं पहली बार वीएचपी में चुनाव होते देख रहा हूं. ऐसा करने के लिए वीएचपी पर राजनीतिक दबाव है.'

पिछले साल दिसंबर में भुबनेश्वर में हुई बैठक में जब आरएसएस के एक धड़े ने कोकजे का नाम सुझाया तो तोगड़िया ने इसका कड़ा विरोध किया था.

(ईरम आगा की न्यूज 18 के लिए रिपोर्ट)

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