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बीजेपी नेता का आरोप, कहा- कूरियन अमूल के पैसों से कराते थे धर्म परिवर्तन

कुरियन को 'सफेद क्रांति का जनक' कहा जाता है. 1999 में पद्म विभूषण से कुरियन को भारत सरकार ने सम्मानित किया था. कुरियन एक सीरियाई ईसाई थे. और मृत्यु के बाद उनकी आखिरी इच्छा के अनुसरा अंतिम संस्कार आनंद में ही किया गया

Updated On: Nov 25, 2018 05:09 PM IST

FP Staff

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बीजेपी नेता का आरोप, कहा- कूरियन अमूल के पैसों से कराते थे धर्म परिवर्तन

गुजरात बीजेपी नेता और पूर्व राज्य मंत्री दिलीप संघानी ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और गुजरात सहकारी दूध विपणन संघ के संस्थापक स्वर्गीय डॉ वर्गीस कुरियन ने अमूल से धन दान करके ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्म परिवर्तन को वित्तीय मदद दी.

शनिवार को अमरेली स्थित अमर डेयरी में डॉ कुरियन के जीवन और कार्यों के संस्मरण पर बातचीत करने के लिए अमूल द्वारा आयोजित मोटरसाइकिल रैली में बोलते हुए संघानी ने कहा: 'अमूल की स्थापना त्रिभुवनदास पटेल ने की थी. लेकिन क्या देश त्रिभुवनदास पटेल के बारे में जानता है? गुजरात के किसानों और मवेशी पालने वालों ने अपनी कड़ी मेहनत के माध्यम से जो भी धन इकट्ठा किया. उसे कुरियन ने डांग (दक्षिण गुजरात) में धार्मिक रूपांतरणों के लिए दान दे दिया.'

dilip sanghani

2007-2012 के बीच संघानी कृषि, सहयोग और पशुपालन विभाग में राज्य मंत्री रहे थे. वर्तमान में वो गुजरात राज्य सहकारी विपणन संघ के अध्यक्ष और राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ के उपाध्यक्ष हैं. उन्होंने यह दावा किया कि गुजरात और अन्य जगहों पर मिशनरियों को दान दिया गया था. साथ ही उन्होंने कहा कि- 'जब कुरियन अमूल का नेतृत्व कर रहा था, तो उन्होंने ईसाई मिशनरियों को दान दिया. आप अमूल के रिकॉर्ड से ब्योरा ले सकते हैं. जब मैं मंत्री था, तो यह मुद्दा मेरे नोटिस में आया, लेकिन मुझे चुप रहने की सलाह दी गई क्योंकि कांग्रेस देश भर में इस मुद्दे को उठा सकती थी.'

सीरियाई ईसाई थे कुरियन:

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जांच की मांग करने के सवाल पर उन्होंने कहा: 'अपने कार्यकाल के दौरान जो भी आवश्यक था मैंने वो सब किया. हमने सिर्फ इसे घोषित नहीं किया.' संघानी अमरेली जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ लिमिटेड द्वारा संचालित अमर डेयरी के संस्थापक अध्यक्ष हैं.

कुरियन को 'सफेद क्रांति का जनक' कहा जाता है. 1999 में पद्म विभूषण से कुरियन को भारत सरकार ने सम्मानित किया था. कुरियन एक सीरियाई ईसाई थे. और मृत्यु के बाद उनका अंतिम संस्कार आनंद में ही किया गया क्योंकि उनकी आखिरी इच्छा यही थी.

 

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