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वीआईपी लोगों की सुरक्षा नहीं घटाई जाएगी: नायडू

हर व्यक्ति वीआईपी है और यही हमारी सरकार का दर्शन है

Bhasha Updated On: Apr 20, 2017 11:23 PM IST

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वीआईपी लोगों की सुरक्षा नहीं घटाई जाएगी: नायडू

केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने गुरुवार को कहा कि सरकार की वीआईपी लोगों की सुरक्षा में कटौती करने की कोई योजना नहीं है. उनका यह बयान सरकार द्वारा एम्बुलेंस और दमकल जैसे आपात वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों पर लाल बत्ती के प्रयोग पर रोक लगाने के फैसले के एक दिन बाद आया है.
सूचना एवं प्रसारण मंत्री नायडू ने संवाददाताओं को बताया, ‘सुरक्षा के संदर्भ में यह देश हित के लिए जरूरी है क्योंकि महत्वपूर्ण लोगों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए. यह कोई अलग से तरजीह देने वाला व्यवहार नहीं है.’
हर आदमी वीआईपी 
वीआईपी संस्कृति को समाप्त करने के केंद्र के फैसले के बारे में उन्होंने कहा, ‘हर व्यक्ति वीआईपी है और यही हमारी सरकार का दर्शन है.’
भले ही यह एक छोटी पहल हो किंतु इससे यह संदेश गया है कि प्रत्येक व्यक्ति के साथ बराबरी का व्यवहार किया जाना चाहिए.
उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकारें भी लाल बत्ती के उपयोग को छोड़ेंगी. अन्यथा उन्हें लोगों के गुस्सा का शिकार होना पड़ेगा.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi, Home Minister Rajnath Singh, Union I&B Minister Venkaiah Naidu and senior leader L K Advani during BJP parliamentary party meeting in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Subhav Shukla(PTI11_22_2016_000050B)

तस्वीर: पीटीआई

बाबरी मस्जिद पर आया फैसला नया नहीं 
रामजन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद पर प्रश्न किये जाने पर नायडू ने कहा कि मामला पिछले कई सालों से चल रहा है और इसमें कुछ भी नया नहीं है.
उन्होंने इस बारे में कुछ भी विस्तार से नहीं कहा कि बीजेपी पर बाबरी मस्जिद ढहाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का क्या प्रभाव होगा.
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सीबीआई के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया था कि बाबरी मस्जिद ढहाने के मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती पर क्रिमिनल केस चलाएं जाएं.
सोशल मीडिया पर नहीं लगाया जा सकता सेंसर 
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी ध्यान दिलाया कि राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह को संवैधानिक छूट प्राप्त है और उनके पद त्यागने के बाद ही उन पर मामला चल सकता है.
इस बीच सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों को लेकर छिड़ी बहस के बीच नायडू ने कहा कि इसे सेंसर नहीं किया जा सकता है.
उन्होंने कहा, ‘यह एक बड़ा मुद्दा है. हमें इसके बारे में सोचना और विचार करना होगा क्योंकि हम सोशल मीडिया पर सेंसर नहीं कर सकते. समाज को विचार विमर्श कर अंत में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए.’

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