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वेंकैया का हिंदी प्रेम: कर चुके हैं राष्ट्रीय भाषा बनाने का समर्थन

कर्नाटक में पहली बार बीजेपी की सरकार बनवाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है

Updated On: Aug 05, 2017 08:59 PM IST

FP Staff

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वेंकैया का हिंदी प्रेम: कर चुके हैं राष्ट्रीय भाषा बनाने का समर्थन

वेंकैया नायडू उपराष्‍ट्रपति चुनाव जीत गए हैं. उन्‍होंने विपक्ष के उम्‍मीदवार गोपालकृष्‍ण गांधी को 272 वोटों से हराया. नायडू को 516 और गांधी को 244 वोट मिले. वे देश के 15वें उपराष्‍ट्रपति होंगे.

किसान परिवार से ताल्लुक रखने और साल 1970 से राजनीति में सक्रिय नायडू दो बार बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष, चार बार राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं. आंध्रप्रदेश से ताल्लुक रखने वाले नायडू कई भाषा पर पकड़ रखते हैं.

अंग्रेजी और तेलुगु के साथ ही हिंदी पर भी उनकी जोरदार पकड़ है. उन्‍होंने हिंदी को राष्‍ट्रीय भाषा बनाने का समर्थन भी किया था. उन्‍होंने हिंदी में भाषण देते हुए कहा था, 'अंग्रेजी सीखते समय हम हमारे दिमाग को अंग्रेजों की तरह ही कर लेते हैं. यह देश के हित में नहीं हैं.'

वे दक्षिण भारत में बीजेपी के लिए एक बड़ा चेहरा रहे हैं. दक्षिण भारत में बीजेपी को पहचान देने और कर्नाटक में पहली बार बीजेपी की सरकार बनवाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है.

कर्नाटक में येदियुरप्पा के भष्ट्राचार में घिरने के बाद राज्य में खड़ी हुई राजनीतिक उठापटक को बीजेपी की तरफ से वेंकैया नायडू ने ही संभाला था. कई महीनो तक वह बैंगलोर में कैंप कर बीजेपी नेताओं को येदियुरप्पा की तबकी बगावत में सहभागी होने से रोका था. नायडू को भाजपा का संकटमोचक भी कहा जाता रहा है.

नायडू अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं. 1978 से 1783 तक नायडू नेल्लौर से विधायक रहे. 1998 से अब तक वो भाजपा के राज्यसभा सांसद भी हैं. इसके अलावा वो 1988 से 1993 तक वो आंध्र प्रदेश में बीजेपी के अध्यक्ष थे.

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