S M L

रिकवरी एजेंट्स ने दलित किसान को ट्रैक्टर से कुचला

45 वर्षीय किसान ज्ञानचंद ने तीन साल पहले एलएंडटी नाक की फाइनेंस कंपनी से पांच लाख रुपए का लोन लेकर ट्रैक्टर खरीदा था, सिर्फ 30-35 हजार रुपए का बकाया रह गया था जिसके एवज में उनकी जान चली गई

Updated On: Jan 22, 2018 07:10 PM IST

FP Staff

0
रिकवरी एजेंट्स ने दलित किसान को ट्रैक्टर से कुचला

इस देश में एक तरफ जहां हजारों करोड़ रुपए का लोन लेकर लोग फरार हो जाते हैं मगर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है तो दूसरी तरफ कुछ लाख रुपए का लोन लिया हुआ एक आम इंसान सिर्फ इसलिए मौत की घाट तक पहुंचा दिया जाता है क्योंकि अपने कुछ लाख के लोन का कुछ हजार नहीं चुका पाया होता है.

जी हां, एक ऐसा ही मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे सीतापुर जिले से. यह जिला राजधानी से महज 60 से 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. सीतापुर जिले के महमूदाबाद के भौंरी गांव के रहने वाले दलित किसान ज्ञानचंद को रिकवरी एजेंट्स ने पैसे नहीं चुकाने के कारण मौत के घाट उतार दिया. और मौत भी ऐसी दर्दनाक दी जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती.

बीबीसी की खबर के मुताबिक, जब ज्ञानचंद अपने खेतों में काम कर रहे थे तभी 4-5 की संख्या में रिकवरी एजेंट्स वहां पहुंचे. इसमें से एक ने पहले ट्रैक्टर पर चढ़े ज्ञानचंद को धक्का दिया और जब वो गिर गए तो ट्रैक्टर से उनके शरीर को कुचल दिया. इतने से भी मन नहीं भरा तो पीछे मार्शल लिए खड़े ड्राइवर ने मृत शरीर के उपर से अपनी गाड़ी को पार कर गया.

45 वर्षीय किसान ज्ञानचंद ने तीन साल पहले एलएंडटी नाक की फाइनेंस कंपनी से पांच लाख रुपए का लोन लेकर ट्रैक्टर खरीदा था. ज्ञानचंद के भाई के मुताबिक, उन्होंने सारे पैसे लौटा भी दिए थे सिर्फ 30-35 हजार रुपए ही बाकी रह गए थे.

इन्हीं पैसों को वसूलने के लिए पहुंचे रिकवरी एजेंट्स ने जब इस घटना को अंजाम दिया तब खेत में ज्ञानचंद के अलावा एक और शख्स राजकिशोर मौजूद थे. राजकिशोर ने बताया कि वो कागज दिखाकर बकाया पैसों को जमा करने की बात कर रहे थे. ज्ञानचंद ट्रैक्टर नहीं ले जाने की मिन्नत करते रहे तब तक मैंने देखा कि वो ट्रैक्टर के नीचे दबे हैं.

राजकिशोर के मुताबिक, जब तक मैं गांव वालों को बुलाने के लिए आया तब तक रिकवरी एजेंट्स ट्रैक्टर लेकर फरार हो गए थे और लाश को वहीं छोड़ दिया था. मृतक ज्ञानचंद की पांच बेटियां हैं. सबसे छोटी अभी महज 6 महीने की है.

पुलिस ने इस मामले में अभी तक सिर्फ एक गिरफ्तारी की है. पुलिस ने भरोसा जताया है कि वो सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर के कड़ी सजा देगी.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi