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ताजमहल के आसपास न प्लास्टिक होगा ना फैक्ट्री का धुआं

सुप्रीम कोर्ट ने 11 जुलाई को सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि अगर आप इसकी देखभाल नहीं कर सकते तो हम इसे बंद कर देंगे या आप इसे ध्वस्त कर दो

Updated On: Jul 24, 2018 04:13 PM IST

FP Staff

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ताजमहल के आसपास न प्लास्टिक होगा ना फैक्ट्री का धुआं

कुछ दिनों पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल के रखरखाव को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि अगर आप इसे संभाल नहीं सकते तो ढहा दीजिए. अब मंगलवार को यूपी सरकार ने ताजमहल की सुरक्षा और संरक्षण से जुडे़ विजन डॉक्यूमेंट का फ़र्स्ट ड्राफ्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया. फ़र्स्ट ड्राफ्ट में स्मारक के आसपास के इलाके को प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र घोषित करने की बात कही गई है. साथ ही प्रदूषण फैलाने वाली सारी औद्योगिक इकाइंयों को बंद करने का सुझाव भी दिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार

दुनिया के सात अजूबों में शामिल मुगलकालीन इस स्मारक की देखरेख के प्रति उदासीन रवैए को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाई थी. सुप्रीम कोर्ट ने 11 जुलाई को सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि अगर आप इसकी देखभाल नहीं कर सकते तो हम इसे बंद कर देंगे या आप इसे ध्वस्त कर दो. इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के विजन डॉक्यूमेंट ना दाखिल करने पर भी नाराजगी जताई थी.

ड्राफ्ट में प्रदूषण रोकने पर दिया है ध्यान

इसके बाद मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट का पहला ड्राफ्ट अदालत में दाखिल किया. इस ड्रॉफ्ट में राज्य सरकार ने सुझाव दिया है कि ताज महल के आसपास पैदल आवागमन को प्रोत्साहन देने के लिए विस्तृत यातायात प्रबंधन योजना की आवश्यकता है. इसमें यमुना नदी के सामने सड़कें बनाने के बारे में सोचना चाहिए ताकि यातायात नियंत्रित हो और पैदल आवागमन को बढ़ावा मिले.

सरकार के अनुसार यमुना नदी के मैदानी क्षेत्र में किसी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं होनी चाहिए और नदी के तट पर पौधा रोपन करने का सुझाव भी इस ड्राफ्ट में है.

(भाषा से इनपुट)

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