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मल्टीविटामिन सप्लीमेंट्स के प्रयोग से बढ़ रहा हार्ट-अटैक का खतरा: रिसर्च

हेल्थ सप्लीमेंट्स का कोई फायदा नहीं है अगर यह हार्ट से जुड़ी समस्याएं पैदा कर रहा है या स्ट्रोक का खतरा बढ़ा रहा है

Updated On: Jun 25, 2018 01:54 PM IST

FP Staff

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मल्टीविटामिन सप्लीमेंट्स के प्रयोग से बढ़ रहा हार्ट-अटैक का खतरा: रिसर्च

अगर आप मल्टी विटामिन्स का प्रयोग करते हैं तो यह खबर जानकर हैरान हो जाएंगे. अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी की पत्रिका में छपी रिसर्च के मुताबिक मल्टी विटामिन्स का प्रयोग हार्ट-अटैक की वजह बन सकता है.

इस रिसर्च में सुझाव दिया गया है कि हेल्थ सप्लीमेंट्स का कोई फायदा नहीं है अगर यह हार्ट से जुड़ी समस्याएं पैदा कर रहा है या स्ट्रोक का खतरा बढ़ा रहा है. पिछले कुछ सालों में भारत में हेल्थ सप्लीमेंट्स का प्रयोग बढ़ा है.

लोग दैनिक जीवन में जो पोषण खाने की अनियमितता की वजह से नहीं ले पाते उन्हें वह हेल्थ सप्लीमेंट्स के जरिए लेते हैं. कई बार तो डॉक्टर्स खुद मरीज को हेल्थ सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं.

यूएस में 2012 के राष्ट्रीय डाटा में सामने आया कि 52 फीसदी जनसंख्या सप्लीमेंट्स का प्रयोग करती है. 31 फीसदी लोग मल्टीविटामिन सप्लीमेंट्स का प्रयोग करते हैं. 19 फीसदी लोग विटामिन डी, 14 फीसदी लोग कैल्शियम और 12 फीसदी लोग विटामिन सी पाने के लिए सप्लीमेंट्स का प्रयोग करते हैं.

वहीं यूरोप में कैंसर और न्यूट्रीशन डाटा देखने से पता लगता है कि वहां भी लोग भारी मात्रा में सप्लीमेंट्स का प्रयोग करते हैं. डेनमार्क में 51 फीसदी पुरुष और 66 फीसदी महिलाएं सप्लीमेंट्स का प्रयोग करती हैं.

हालांकि भारत में सप्लीमेंट्स का प्रयोग करने के मामले में कोई निश्चित डाटा उपलब्ध नहीं है. लेकिन 40 फीसदी से ज्यादा मरीज सप्लीमेंट्स का प्रयोग करते हैं. जिसमें से कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह लिए खुद ही सप्लीमेंट्स का प्रयोग करते हैं.

रिपोर्ट से पता लगता है कि भारत में न्यूट्रीशन इंडस्ट्री कारोबार 2.2 मिलियन डॉलर का है वहीं डायटरी सप्लीमेंट्स पूरे बाजार का 32 फीसदी कवर करती है.

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