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UPSC 2017: टॉपर अनुदीप लगातार 3 बार फेल होने के बाद अंतिम प्रयास में हुए कामयाब

नतीजों में सोनीपत की रहने वाली अनु कुमारी और सचिन गुप्ता को क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान हासिल हुआ है

FP Staff Updated On: Apr 28, 2018 12:15 PM IST

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UPSC 2017: टॉपर अनुदीप लगातार 3 बार फेल होने के बाद अंतिम प्रयास में हुए कामयाब

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा-2017 के नतीजों में दुरिशेट्टी अनुदीप ने देश भर में टॉप किया है. तेलंगाना के मेतपल्ली के रहने वाले अनुदीप इस वक्त हैदराबाद में सहायक आयुक्त के पद पर तैनात हैं.

अनुदीप का सिविल सेवा परीक्षा में ऐच्छिक विषय मानव-विज्ञान (एंथ्रोपोलॉजी) था. उन्होंने राजस्थान के बिट्स पिलानी से इलेक्ट्रॉनिक एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग में बीई किया है. उन्होंने ओबीसी अभ्यर्थी (कैंडिडेट) के तौर पर यूपीएससी की परीक्षा दी थी.

अनुदीप साल 2011 में बिट्स पिलानी से ग्रेजुएट हुए और यूपीएसएसी की परीक्षा देनी शुरू की. साल 2013 की यूपीएससी परीक्षा में इन्हें 790वीं रैंक मिली थी. लेकिन इसके बाद फिर से कोशिश की और अब टॉप किया है.

28 साल के अनुदीप ने दो साल आईआरएस अधिकारी के रूप में काम किया जिन्होंने पिछले साल 18 जून को आयोजित यूपीएससी की प्री परीक्षा में पहला रैंक प्राप्त किया था.

आईआरएस से आईएएस तक के सफर के बारे में अनुदीप ने एएनआई से कहा, 'यह मेरा पांचवां प्रयास है. मैं पिछले तीन बार में फेल हो चुका हूं. यूपीएससी का सफर मेरे लिए आसान नहीं था. अब अपनी इस उपलब्धि पर काफी खुश हूं. मैं उनलोगों का दिल से शुक्रगुजार हूं जिन्होंने हर परिस्थितियों में मेरी मदद की.'

तेलंगाना के मेतपल्ली जिले के रहने वाले अनुदीप के पिता का नाम दुरिशेट्टी मनोहर है और मां दुरिशेट्टी ज्योति हैं. अनुदीप के पिता अतिरिक्त सहायक इंजीनियर हैं. इनका पूरा परिवार फिलहाल मेतपल्ली के आदर्श नगर में रहता है.

3 साल से लगातार महिलाओं के UPSC में टॉप करने का सिलसिला टूट गया

इससे पहले शुक्रवार को जारी हुए यूपीएससी के रिजल्ट में पिछले 3 साल से लगातार महिलाओं के इस प्रतिष्ठित परीक्षा में टॉप करने का सिलसिला टूट गया. हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली अनु कुमारी और सचिन गुप्ता को क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान हासिल हुआ है.

यूपीएससी ने एक बयान में कहा कि कुल 990 अभ्यर्थियों - 750 पुरुष और 240 महिलाएं को अखिल भारतीय सेवाओं (आईएएस-आईपीएस) और अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए चुना गया है. इनमें 476 जनरल से हैं, 275 उम्मीदवार अन्य पिछड़ा वर्ग के हैं, 165 अनुसूचित जाति और 74 अनुसूचित जनजाति से आते हैं.

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सफल उम्मीदवारों में 29 दिव्यांग

सफल उम्मीदवारों में शारीरिक रूप से अशक्त 29 उम्मीदवार भी शामिल हैं. शारीरिक रूप से अशक्त (बधिर) उम्मीदवार सौम्या शर्मा ने 990 परीक्षार्थियों में 9वां स्थान हासिल किया.

अनु को महिला अभ्यर्थियों में टॉप रैंक मिला है. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) से फिजिक्स में बीएससी (ऑनर्स) और आईएमटी नागपुर से एमबीए किया है. बयान के मुताबिक सिविल सेवा परीक्षा, 2017 के जरिए कुल 1,058 पद भरे जाने थे, जिनमें शारीरिक रूप से अशक्त उम्मीदवारों के लिए 29 पोस्ट शामिल हैं.

टॉप 25 में 17 पुरुष और 8 महिलाएं

इसमें कहा गया, ‘2 उम्मीदवारों के रिजल्ट रोक कर रखे गए हैं. बयान के अनुसार टॉप 25 में 17 पुरुष और 8 महिलाएं हैं. सिविल सेवा परीक्षा, 2017 की प्रारंभिक परीक्षा (प्री) पिछले साल 18 जून, 2017 को हुई थी. इसमें 9,57,590 उम्मीदवारों ने आवेदन दिया था, जिनमें से 4,56,625 उम्मीदवार इसकी परीक्षा में बैठे थे.

वहीं, अक्टूबर-नवंबर, 2017 में हुई लिखित (मुख्य) परीक्षा के लिए 13,366 उम्मीदवारों ने क्वालीफाई किया था. उनमें से 2,568 उम्मीदवारों ने फरवरी-अप्रैल, 2018 में हुई व्यक्तित्व परीक्षण (इंटरव्यू) के लिए क्वालीफाई किया था.

बता दें कि सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों- प्रारंभिक (प्री), मुख्य और व्यक्तित्व परीक्षण या साक्षात्कार- में होती है, जिनके जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित अन्य सेवाओं के लिए अधिकारियों को चुना जाता है.

(इनपुट एजेंसियों से)

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