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बूचड़खानों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: जबरन वेजिटेरियन बनाना गलत

हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिए हैं कि वे बूचड़खानों के लिए नए लाइसेंस जारी करें और पुराने लाइसेंस रिन्यू करें

FP Staff Updated On: May 12, 2017 05:01 PM IST

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बूचड़खानों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: जबरन वेजिटेरियन बनाना गलत

बूचड़खानों पर रोक के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के ताजा फैसले से कारोबारियों को राहत मिली है. हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह 17 जुलाई तक मीट की दुकानों और बूचड़खानों को नए लाइसेंस देने के साथ ही उनके पुराने लाइसेंस रिन्यू करें.

क्या था योगी फैसला?

19 मार्च यूपी के नए चीफ मिनिस्टर योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश के अवैध   बूचड़खानों पर पाबंदी लगा दी थी. अब हाईकोर्ट का यह फैसला मीट कारोबारियों के लिए बड़ी राहत है.

बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में यह वादा किया था कि चुनाव जीतने के बाद इस तरह की मीट की दुकानों और बूचड़खानों को बंद कर दिया जाएगा.

गुरुवार को बूचड़खानों से जुड़े कई मामलों की सुनवाई के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस एपी शाही और जस्टिस संजय हरकौली ने अपना फैसला शुक्रवार के लिए सुरक्षित रखा था.

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