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ऐसा गांव जहां दंगल से होता है झगड़ों का फैसला!

इस गांव के करीब हर घर में एक पहलवान है और इस गांव में करीब 200 से 250 के बीच प्रोफेशनल पहलवान हैं

Updated On: Apr 17, 2018 06:40 PM IST

FP Staff

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ऐसा गांव जहां दंगल से होता है झगड़ों का फैसला!

नोएडा के पास एक ऐसा गांव है जहां आपसी झगड़ों के फैसले के लिए लोग कुश्ती यानी दंगल का सहारा लेते. इस गांव का नाम सर्फाबाद है.

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक इस गांव में अगर दो लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो जाता है तो दोनों पक्ष किसी झगड़े में नहीं पड़ते हैं और न ही पुलिस के पास जाते हैं. इस गांव के बुजुर्गों की पंचायत बैठती है और दोनों पक्षों के बीच विवाद के निपटारे के लिए दंगल की घोषणा होती है. सर्फाबाद गांव नोएडा के ऊंची-ऊंची इमारतों वाले सोसायटियों के बीच बसा एक गांव है और कई बार यह अपराधों की वजह से भी चर्चा में आते रहता है.

इस गांव के एक दिग्गज पहलवान बताते हैं कि झगड़ों को इस तरह सुलझाने से दोनों पक्षों का पैसा बचता है और उन्हें केस खत्म करने के लिए पुलिस को पैसे भी नहीं देने पड़ते हैं और इसके साथ-साथ गांव के लोगों का मनोरंजन भी हो जाता है.

इस गांव के करीब हर घर में एक पहलवान है और इस गांव में करीब 200 से 250 के बीच प्रोफेशनल पहलवान हैं. हर साल अगस्त महीने में यहां दंगल प्रतियोगिता भी होती है जिसमें हिस्सा लेने के लिए पश्चिमी यूपी और हरियाणा के पहलवान भी आते हैं. इस गांव में कुश्ती का इतिहास करीब 275 साल पुराना है. वैसे सर्फाबाद माफिया से नेता बने और अभी देहरादून जेल में बंद डीपी यादव का भी गांव है.

यहां के निवासी और कुश्ती के कोच सुरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि कुश्ती इस गांव के सामाजिक तानेबाने को लगभग 300 सालों से जोड़ने वाली कड़ी है.

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