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यूपी के इन चार शहरों की हवा दिल्ली से भी ज्यादा जहरीली

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में चार शहर- इलाहाबाद, कानपुर, फिरोजाबाद और लखनऊ यूपी में हैं

Updated On: Nov 16, 2017 06:05 PM IST

FP Staff

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यूपी के इन चार शहरों की हवा दिल्ली से भी ज्यादा जहरीली

दिल्ली की जहरीली हवा लगातार सुर्खियों में बनी हुई है. वहीं दूसरी तरफ यूपी के लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, वाराणसी, इलाहाबाद, नोएडा और मुरादाबाद जैसे शहर की हवा भी उतनी ही जहरीली हो चुकी है. इन शहरों में लगातार पीएम 2.5 की बहुत अधिक मात्रा दर्ज की जा रही है.

13 नवंबर 2017 को पीएम 2.5 का स्तर मुरादाबाद में 556, गाजियाबाद में 541, कानपुर में 474, लखनऊ में 445 दर्ज की गई है. जबकि इसी दिन दिल्ली में ये 359 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर था. इसके साथ ही नोएडा में 323, आगरा में 214 और वाराणसी में 201 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया है.

वायु प्रदूषण पर काम कर रहे ग्रीनपीस इंडिया के कैंपेनर सुनील दहिया कहते हैं 'पार्टिकुलेट मैटर से होने वाला प्रदूषण सिर्फ दिल्ली तक सीमित नही है. गंगा के अगल-बगल बसे पंजाब और उससे सटे यूपी-बिहार के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर दिल्ली जैसा ही है.

यूपी का कोई भी शहर राष्ट्रीय मानक के आसपास नहीं 

उनके मुताबिक 'बावजूद इसके दिल्ली को छोड़कर बाकी शहरों के वायु प्रदूषण पर आंखें मूंद ली गई हैं. इन क्षेत्रों के लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुका है. राज्य सरकारों को तुरंत राज्य स्तर पर कार्ययोजना बनाने की जरूरत है.'

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अक्टूबर से लेकर अब तक के जुटाए आंकड़े बताते हैं कि यूपी का कोई भी शहर राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों को नहीं प्राप्त कर सका है.

सुनील बताते हैं, 'उत्तर भारत में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए छोटे-मोटे उपाय किए जा रहे हैं, जो कि इस गंभीर समस्या से निपटने में सक्षम नहीं हैं. जरुरत इस बात की है कि तय समय-सीमा के भीतर व्यवस्थागत और व्यापक कार्य योजना बनाकर इससे निपटा जाए.'

दुनिया के 20 प्रदूषित शहरों में चार यूपी के 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में चार शहर- इलाहाबाद, कानपुर, फिरोजाबाद और लखनऊ यूपी में हैं. औद्योगिक और कृषि से संबंधित उच्च स्तर के प्रदूषक कारकों के साथ-साथ असंतुलित परिवहन सेक्टर से निकलने वाला प्रदूषण भी बड़ा कारण है.

यूपी में भारत का 10 प्रतिशत कोयला जनित ऊर्जा उत्पादन होता है. ग्रीनपीस इंडिया ने पिछले साल जारी अपनी रिपोर्ट आउट ऑफ साइट में यह बताया था कि उत्तर भारत में प्रदूषण का एक प्रमुख वजह थर्मल पावर प्लांट भी है.

अब दिल्ली के ग्रेडेड सिस्टम की तरह ही यूपी के सभी शहरों में ग्रेडेड रिस्पॉन्स सिस्टम लागू करना चाहिए. वहीं भारत में वायु प्रदूषण के सभी कारकों से निपटने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तत्काल लागू करने की जरुरत है.

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