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अब 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय' के नाम से जाना जाएगा मुगलसराय जंक्शन

मुगलसराय स्टेशन का निर्माण 1862 में उस समय हुआ था, जब ईस्ट इंडिया कंपनी हावड़ा और दिल्ली को रेल मार्ग से जोड़ रही थी

FP Staff Updated On: Jun 05, 2018 11:16 AM IST

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अब 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय' के नाम से जाना जाएगा मुगलसराय जंक्शन

देश के बड़े रेलवे स्टेशनों में से एक मुगलसराय जंक्शन का नाम मंगलवार से बदल गया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी कर इसका नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन होने की जानकारी दी. मंगलवार के बाद से इस बड़े रेल जंक्शन को आधिकारिक तौर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के नाम से जाना जाएगा.

केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार के इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी थी. लेकिन विपक्ष ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया था. इस मामले पर संसद में हंगामा होने पर संसदीय मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा था कि उपाध्याय के नाम के बजाय मुगल के नाम में एक रेलवे स्टेशन को पंसद करना सही सोच नहीं है. उन्होंने कहा था, 'क्या सभी चीजों के नाम सिर्फ नेहरू-गांधी के नाम पर रहेंगे? बहुत सारे लोगों ने देश के लिए बलिदान किया है'

क्यों दिया गया पंडित दीनदयाल उपाध्याय नाम?

आपको बता दे कि मुगलसराय स्टेशन का निर्माण 1862 में उस समय हुआ था, जब ईस्ट इंडिया कंपनी हावड़ा और दिल्ली को रेल मार्ग से जोड़ रही थी. बीजेपी के संस्थापकों में से एक और दक्षिणपन्थी विचारक पंडित दीन दयाल उपाध्याय 1968 में रहस्यमय हालात में मुगलसराय स्टेशन पर मृत अवस्था में पाए गए थे.

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