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यूपी: सवर्ण गरीबों को मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण, योगी सरकार ने दी मंजूरी

कैबिनेट बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि राज्य में केंद्र के प्रस्ताव को हूबहू लागू किया जाएगा

Updated On: Jan 18, 2019 05:33 PM IST

FP Staff

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यूपी: सवर्ण गरीबों को मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण, योगी सरकार ने दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 14 प्रस्तावों को पास किया गया. बैठक के दौरान यूपी में सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 14 जनवरी 2019 से 10 फीसदी सवर्ण आरक्षण लागू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगी.

कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया ब्रिफिंग में सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि राज्य में केंद्र के प्रस्ताव को हूबहू लागू किया जाएगा. इस फैसले के साथ ही गरीबों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने वाला यूपी तीसरा राज्य बन गया है. गुजरात व झारखंड में इसे पहले ही लागू किया जा चुका है.

बता दें कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को नौकरी और शिक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण देने वाला यह अधिनियम संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन कर सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण का प्रावधान करता है. इसके तहत 8 लाख रुपए तक की वार्षिक आमदनी वालों को आरक्षण का लाभ प्राप्त होगा.

इसके अलावा योगी कैबिनेट ने चित्रकूट के रामायण मेला के प्रान्तीयकरण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अब इसकी व्यवस्था जिला अधिकारी करेंगे. इसपर होने वाला सारा खर्च सरकार देगी.

कैबिनेट ने 'एक जनपद एक उत्पादन योजना' को भी मंजूरी दे दी है. इसमें प्रोत्साहन योजना के तहत ई- मार्केटिंग, मेला में प्रदर्शनी में जुड़े हुए उत्पादकों को आर्थिक सहायता दी जाएगी. मेला प्रदर्शनियों में स्टॉल का 75 प्रतिशत या फिर अधिकतम 50 हजार रुपए की मदद, स्वदेश में आयोजित होने वाले प्रदर्शनियों में भी 50 हजार की सहायता, बाहर जाने वाले माल की ढुलाई पर 75 प्रतिशत या अधिकतम 7500 सौ रुपए, आने जाने के लिए थ्री ऐसी चार्ज या बस का किराया भी दिया जाएगा.

कैबिनेट ने वेतन समिति की सातवे वेतन की सिफारिश में 3800 नियमित पूर्ण कालिक कर्मचारियों को सुविधा देने का फैसला लिया गया है, सेतु निगम विभाग के कर्मचारियों के लिए किया गया. 2016 से यह लागू किया जाएगा.

इसके अलावा कैबिनेट ने इन प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई-

- मुगलसराय तहसील का नाम बदला गया पंडित दीन दयाल उपाध्याय किया गया.

- ग्राम कनौसि के सिंचाई विभाग की जमीन पीडब्लूडी को दी गई.

- गोरखपुर के ग्राम झुलनीपुर के रिक्त पड़ी जमीन को सशस्त्र सीमा बल को दिया गया.

- डॉ. राम मनोहर लोहिया पेय जल परियोजना के तहत,1.00 क्यूसिक छमता के 2000 पम्प राजकीय नलकुपों के निर्माण किया जाएगा, 57 हजार लाख का खर्च आएगा.

- 1101 फेल हुए नलकूप को फिर से रिबोर किया जाएगा, 28325.53 लाख का खर्च आएगा.

- केंद्र सहायतित योजना फेस वन के अन्तर्गत स्वाससिय राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अयोध्या, बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर जिला चिकित्सालय चल अचल संपत्ति एवं कार्मिकों की चिकित्सा शिक्षा के पास ट्रांसफर हो गया.

- उत्तर प्रदेश कार्य नियमावली में संशोधन 25 लाख रुपए के कार्य पहले आता था अब 1 करोड़ तक के खर्च विभागीय मंत्री कर सकेगा.

- पायलटों के भत्ते को समान रूप से 5 हजार प्रति उड़ान के तहत अतिरिक्त भत्ता निर्धारित किया गया, टाइप 4 और टाइप 5 की आवास सुविधा, 60 लाख रुपये का लास ऑफ ऑफ़ लाइसेंस और एक्सिडेंटल, आवास से एअरपोर्ट तक वाहन सुविधा.

- आबकारी विभाग द्वारा आबकारी राजस्व को प्रदेश के निराश्रित भरण पोषण के लिए 165 करोड़ अलग से सेस जो लगाया गया था उसके अलावा दिया गया है.

(न्यूज18 के लिए अजित सिंह की रिपोर्ट)

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