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UP बोर्ड परीक्षा 2018: सख्ती ऐसी कि परीक्षा छोड़ भागे 10 लाख छात्र

जिन छात्रों ने सही ढंग से तैयारी नहीं की, उनके सामने परीक्षा देने या न देने का सस्पेंस खड़ा होता जा रहा है

FP Staff Updated On: Feb 10, 2018 01:14 PM IST

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UP बोर्ड परीक्षा 2018: सख्ती ऐसी कि परीक्षा छोड़ भागे 10 लाख छात्र

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं. यह खबर पिछले साल की तरह इस बार भी सुर्खियों में है लेकिन कारण थोड़ा अलग है. पिछले साल जहां नकल सुर्खियों में था, तो इस बार परीक्षार्थियों के परीक्षा छोड़ने की खबरें हैं. पिछले चार दिनों में  10 लाख छात्र परीक्षा छोड़ चुके हैं.

प्रदेश की योगी सरकार ने नकल माफिया पर नकेल कसने के कई प्रबंध किए हैं. इस वजह से परीक्षा कड़े अनुशासन में ली जा रही है. जिन छात्रों ने तैयारी सही ढंग ने नहीं की, उनके सामने परीक्षा देने या न देने का सस्पेंस खड़ा होता जा रहा है. नतीजतन, छात्र बड़ी संख्या में परीक्षा छोड़ रहे हैं.

पिछले साल ये रही ड्रॉपआउट की संख्या

पिछले साल लगभग 5 लाख छात्रों ने परीछा छोड़ी थी. इस साल यह संख्या 10 लाख के आसपास पहुंच गई है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर बताती है कि 10वीं और 12वीं के लगभक 66 लाख छात्रों ने बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. 6 फरवरी को शुरू हुए टेस्ट में अब तक तकरीबन 15 फीसद छात्रों ने परीक्षा ड्रॉप कर दिया है. परीक्षा एक महीने तक चलने वाली है. ऐसे में जिस रफ्तार से छात्र ड्रॉप कर रहे हैं, वह चिंता की बात है. 10वीं की परीक्षा 22 फरवरी को तो 12वीं की 12 मार्च को समाप्त होगी.

2016 में 6.4 लाख छात्रों ने छोड़ी परीक्षा

शुक्रवार को 10वीं का अंग्रेजी का पेपर था, जबकि 12वीं के छात्रों ने मैथ्स का एक्जाम दिया. हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो इन दोनों सबजेक्ट में अधिकांश छात्र परीक्षा छोड़ते हैं. आंकड़ों पर गौर करें तो इससे पहले 2016 में सबसे ज्यादा छात्रों ने परीक्षा छोड़ी थी. उस वक्त ड्रॉप आउट की संख्या 6.4 लाख थी.

परीक्षा में कड़ाई का सिलसिला 1991 और 92 से शुरू हुआ जब राजनाथ सिंह यूपी के शिक्षा मंत्री हुआ करते थे. उन्होंने एंटी-कॉपिंग ऑर्डिनेंस लागू कराया था. इस वजह से लगभग सवा लाख छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी थी.

इस बारे में यूपीएसईबी सेक्रेटरी नीना श्रीवास्तव ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि ड्रॉपआउट संख्या बढ़ने के पीछे प्रदेश सरकार की ओर से नकल के खिलाफ उठाए गए सख्त कदम जिम्मेवार हैं.

श्रीवास्तव ने बताया, परीक्षा माफिया पर नकेल कसने के लिए इस बार सीसीटीवी कैमरे, स्पेशल टास्क फोर्स की तैनाती, उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का खुद जायजा लेना जैसे कई अहम कदम उठाए गए हैं.

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