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यूपी: एटीएस कर रहा है हिजबुल आतंकी के दो साथियों की तलाश

दोनों आतंकियों के एक साथी को 13 सितंबर को गिरफ्तार किया गया. उसके दो साथी पकड़े नहीं जा सके क्योंकि वे एटीएस के छापे के दो दिन पहले ही वहां से चले गए थे

Updated On: Sep 19, 2018 08:24 PM IST

Bhasha

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यूपी: एटीएस कर रहा है हिजबुल आतंकी के दो साथियों की तलाश

उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) को हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकवादी के दो साथियों की सरगर्मी से तलाश है. हिजबुल आतंकी को गणेश चतुर्थी के मौके पर हमले की साजिश करते हुए पकडा गया था.

एटीएस के इंस्पेक्टर जनरल असीम अरूण ने बुधवार को बताया कि असम निवासी कमर उज जमां ने पुलिस रिमांड पर पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि उसे मिलाकर तीन लोग कानपुर के शिवनगर मोहल्ले में किराए के मकान में रह रहे थे.

कमर को 13 सितंबर को गिरफ्तार किया गया. उसके दो साथी पकड़े नहीं जा सके क्योंकि वे एटीएस के छापे के दो दिन पहले ही वहां से चले गए थे.

इंस्पेक्टर जनरल ने कहा कि दोनों की तलाश की जा रही है और जम्मू कश्मीर पुलिस की भी मदद ली गई है. उम्मीद है कि वे जल्द पकड़े जाएंगे.

उन्होंने कहा कि हमने गिरफ्तार आतंकी के बारे में जो जानकारी हासिल की, उसके मुताबिक वह 2008 में द्वीप देश रिपब्लिक ऑफ पलाउ गया था, जो फिलीपीन्स के पास है. उसके पहले वह नरमपंथी था लेकिन चार साल पहले जब वापस लौटा तो एकदम बदला हुआ था.

कमर बाद में कश्मीर गया और वहां कपड़े बेचे. जून 2017 में वह अपने साथी उसामा बिन जावेद के साथ भूमिगत हो गया. अप्रैल 2018 में वह अचानक सुर्खियों में आया, जब उसकी एके 47 लिए हुए फोटो फेसबुक पर आई. उसने माना कि वह फोटो उसी ने पोस्ट की थी. साथ ही दावा किया कि वह हिजबुल का है.

अरूण ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले की उसकी गतिविधियों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है. हमें पता लगा है कि वह 12 दिन के लिए असम गया था और वहां छिप कर रहा था. उसने कश्मीर से पैसे लेकर स्मार्टफोन खरीदा. उसने अपने आकाओं से बात की और कानपुर आकर रहने लगा.

कमर के मोबाइल फोन पर कानपुर के एक मंदिर की वीडियो मिली. उसके मोबाइल फोन से यह भी पता चला कि वह किस तरह इलाके की रेकी कर रहा था.

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