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UP: प्राइवेट अस्पताल के ICU में नाबालिग से गैंगरेप, मां को बताया अपना दर्द

परिवार ने जो शिकायत दर्ज करवाई उसमें कहा गया कि पीड़ित लड़की ICU में जब बेहोश अवस्था में थी तो कंपाउंडर और उसके दो सहयोगियों ने उससे गैंगरेप किया था

Updated On: Nov 04, 2018 11:19 AM IST

FP Staff

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UP: प्राइवेट अस्पताल के ICU में नाबालिग से गैंगरेप, मां को बताया अपना दर्द
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उत्तर प्रदेश के बरेली में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां 16 साल की एक नाबालिग लड़की से एक निजी अस्पताल में गैंगरेप किया गया है. दरअसल पीड़ित नाबालिग लड़की बंदायू रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थी. उसके साथ बीते गुरुवार की शाम को अस्पताल के एक कंपाउंडर और दो अज्ञात व्यक्तियों ने कथित रूप से गैंगरेप किया. यह घटना बीते शुक्रवार शाम सामने आई, जब वह लड़की वापस होश में आई और उसने अपनी मां को को पूरी घटना के बारे में बताया.

इस घटना के बारे में उस लड़की ने अपनी मां को बताया

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार पुलिस ने बताया कि फूड पॉइजनिंग के कारण लड़की को 29 अक्टूबर 2018 को उस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था. एसपी ए सिंह ने बताया कि लड़की के पिता द्वारा दर्ज शिकायत में कहा गया है कि लड़की आईसीयू में बीते गुरुवार को बेहोश अवस्था में थी जब कंपाउंडर और उसके दो सहयोगियों ने उससे रेप किया था. उसने बीते शुक्रवार को इस घटना के बारे अपनी मां को बताया, जब वो होश में आई और उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया.

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प्रतीकात्मक तस्वीर

घटना के समय पीड़ित लड़की सहित 8 मरीज आईसीयू में मौजूद थे

शिकायत के आधार पर, अस्पताल के कंपाउंडर सुनील कुमार और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 D (गैंगरेप) और POCSO अधिनियम के प्रासंगिक खंडों के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि लड़की को बेहोशी की हालत में फिर से आईसीयू में ट्रांसफर कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि जब वह होश में आएगी तो उसका मेडिकल टेस्ट किया जाएगा. एसपी ए सिंह ने कहा, 'हमने मामले की जांच शुरू कर दी है. उन्होंने बताया कि जिस समय यह घटना हुई उस वक्त पीड़ित लड़की सहित 8 मरीज आईसीयू में मौजूद थे. सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं.

सहायता के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क करेंगे

वहीं लड़की के पिता ने कहा- आईसीयू में भर्ती होने के बाद हमें किसी ने भी हमारी बेटी से मिलने की इजाजत नहीं दी. सामान्य वार्ड में ट्रांसफर होने के बाद उसने अपनी मां को इस बारे में बताया. अगर पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं करती है, तो हम सहायता के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क करेंगे. इस बीच, अस्पताल के निदेशक ने कहा, 'यह एक झूठी शिकायत है. सुनील कुमार तीन साल से हमारे साथ काम कर रहा है. मैंने सभी मेडिकल रिकॉर्ड्स की जांच की है और पुलिस को सीसीटीवी फुटेज प्रदान किए हैं.'

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