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'आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से नई तकनीक और रोजगार पैदा होंगे'

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के नाम से लोगों के बीच नौकरियों के जाने का डर बेवजह फैलाया जा रहा है जबकि ‘कृत्रिम समझ’ जैसी नई प्रौद्योगिकियों से नई नौकरियों के द्वार खुलेंगे

Updated On: Jun 03, 2018 01:15 PM IST

Bhasha

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'आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से नई तकनीक और रोजगार पैदा होंगे'

केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद का कहना है कि लोगों के बीच नौकरियों के जाने का डर बेवजह फैलाया जा रहा है जबकि ‘कृत्रिम समझ’ (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस-एआई) जैसी नई प्रौद्योगिकियों से नई नौकरियों के द्वार खुलेंगे. उन्होंने यह स्वीकार किया कि लोगों के कौशल को बेहतर करने के लिए उद्योग जगत को अभी बड़ी भूमिका निभानी है.

रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘यह ध्यान रखने की जरुरत है कि प्रौद्योगिकी की प्रकृति की कौशल पर आधारित होती है और मैं डिजिटल कौशल विकास के लिए बहुत संभावनाएं देखता हूं, यह बहुत सी नौकरियां पैदा करेगा.’

उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय नीति आयोग जैसे अन्य विभागों के साथ मिलकर इन उन्नत प्रौद्योगिकियों के विभिन्न आयामों पर काम कर रहा है. साथ ही कौशल विकास पहल को लेकर नैसकॉम के साथ भी काम कर रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया, ‘हम नैसकॉम के साथ काम कर रहे हैं. इसके अलावा मैंने पूरे मामले पर नजर बनाए रखने के लिए कई समितियां भी गठित की हैं. कृत्रिम समझ का उपयोग शासन की बेहतरी के लिए होना चाहिए. हम नीति आयोग जैसे अन्य विभागों के साथ भी काम कर रहे हैं.’

RAVI SHANKAR PRASAD

रविशंकर प्रसाद

यह पूछे जाने पर कि भारतीय कॉरपोरेट जगत को इस बारे में और प्रयास करने की जरुरत है इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘इसके लिए बहुत संभावनाएं हैं. नैसकॉम यह कर रही है लेकिन और बहुत कुछ किए जाने की जरुरत है.’

उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि प्रौद्योगिकी नौकरियों को खत्म कर देगी. बल्कि उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों को इस डिजिटल दुनिया में लगातार अपने कौशल को समय की जरुरत के हिसाब से बेहतर बनाते रहना आवश्यक है.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र प्रत्यक्ष तौर पर करीब 39.8 लाख लोगों को रोजगार देता है जबकि अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 1.3 करोड़ लोग इससे जुड़े हुए हैं.

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