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आम बजट 2017-18 को लेकर उद्योग जगत में जय-जय

पर्सनल टैक्स से लेकर कॉरपोरेट टैक्स में कमी को सराहनीय मान रहा है उद्योग जगत

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Feb 01, 2017 07:29 PM IST

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आम बजट 2017-18 को लेकर उद्योग जगत में जय-जय

वित्त मंत्री को आम बजट 2017-18 पेश करने के बाद उद्योग जगत से प्रशंसा मिल रही है. उद्योग जगत और पूर्व ब्यूरोक्रेट्रस सरकार के पर्सनल टैक्स से लेकर कॉरपोरेट टैक्स में कमी को सराहनीय कदम मान रहे हैं. फर्स्ट पोस्ट हिंदी ने देश के कई उद्योगपतियों और ब्यूरोक्रेट्रस से बात की.

पंकज पटेल, फिक्की प्रेसिडेंट 

फिक्की के प्रेसिडेंट और केडिला हेल्थकेयर लिमिटेड के मालिक पंकेज पटेल का कहना है कि पहली नजर में बजट अच्छा लग रहा है. वित्त मंत्री ने हर सेक्टर पर नजर दिखाई है. सरकार ने आम आदमी का विशेष ख्याल रखा है. 2.5 लाख से 5 लाख तक टैक्स रिटर्न भरने वालों के लिए की टैक्स में कमी की घोषणा से काफी प्रभाव पड़ेगा. कालेधन पर लगाम लगेगी. साथ ही कॉरपोरेट टैक्स में कमी से भारत की 96 प्रतिशतत कंपनियों को फायदा होगा.

वरुण खन्ना, मैनेजिंग डायरेक्टर, बीडी ग्रुप

बीडी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर वरुण खन्ना का कहना है, जिन चीजों पर सरकार पिछले दो साल से बोल रही है उन चीजों पर आगे बढ़ रही है.  कोई नई बात नहीं है. बजट की सबसे महत्वपूर्ण चीज जो थी वह थी पोलिटिकल फंडिंग पर लगाम लगाने की, सरकार ने जिस तरह से बॉन्ड्स निकालने की बात कही है उससे सरकार को मकसद पूरा करने में मदद मिलेगी. फंडिंग पूरी तरह व्हाइट में होगी.

हेल्थकेयर को लेकर कुछ बातें कही गईं. जैसे कि मेडिकल टेक्नोलॉजी के लिए अलग से रूल्स बनाए जाएगें जो अभी नहीं हैं. भारत में इस सेक्टर में निवेश की कोशिश की जाएगी. देश के 150 हेल्थ सेंटर वेलनेस सेंटर्स में तब्दील किए जाएंगे. पांच बीमारियों  को  2025 तक देश से खत्म करने की बात की गई. कुल मिलाकर बजट अच्छा है.

संदीप सोमेन, वाइस चेयरमैन, एचएसआईएल ग्रुप

एचएसआईएल ग्रुप के वाइस चेयरमैन संदीप सोमेन का कहना है कि अच्छा और बैलेंस बजट है. ग्रामीण इलाकों पर काफी ध्यान दिया गया है. डिजिटला इंडिया की ओर कदम बढ़ाने की भी बातें की गई हैं. रेलवे में, पोर्ट्स में, रोड में और एयरपोर्ट्स में पैसे खर्च किए जा रहे हैं. देश को इलेक्ट्रल रिफार्म कर रहे हैं. कुल मिलाकर अच्छा बजट है.

ब्रजेश्वर सिंह, पूर्व चेयरमैन एनएचआई

एनएचएआई के पूर्व चेयरमैन और रिटायर्ड आईएएस ब्रजेश्वर सिंह का कहना है कि इस बजट में 10 सेक्टरों का उल्लेख किया गया है, और दसों के दस सेक्टर में फंड का प्रावधान बढ़ाया गया है. साथ ही छोटे आदमी और छोटे उद्योगपतियों को टैक्स में रियायत दी गई है. बैंक की ब्याज दरों में काफी गिरावट आने की उम्मीद है. बैंकों के पास फालतू पैसा पड़ा हुआ है. इस बजट से मुझे लगता है आर्थिक वृद्दि होगी और देश में निवेश बढ़ेगा.

रमेश दुग्गर, चार्टेड एकाउटेंट और फाइनेंशियल एक्सपर्ट

रमेश दुग्गर कहते हैं कि इस बार का बजट डीमोनेटाइजेशन को ध्यान में रख कर बनाया गया है. इस बार का बजट मीडिल क्लास को एड्रेस कर रहा है. लोग अब नगद कम डिजिटल ट्राजेंक्शन ज्यादा करेंगे. सरकार ने दो काम किए.

एक, जिनका टर्नओवर 50 करोड़ तक रहेगा, उनका टैक्स घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया. अभी ये 30 प्रतिशत है. टैक्स कम होने से कंपनियों की आमदनी बढ़ेगी. टैक्स घटने से कर चोरी कम होगी जिससे व्हाइट मनी बढ़ेगी. इससे छोटी कंपनियों का टर्नओवर बढ़ेगा.

दूसरा काम, ढाई लाख की छूट को बढ़ा कर 3 लाख कर दिया गया है. तीन से पांच लाख के बीच टैक्स पांच प्रतिशत कर दिया. इसका प्रभाव ये होगा कि जो आदमी 6-7 लाख तक कमा रहा है. वह आराम से 10-12 हजार टैक्स दे देगा. क्योंकि 80सी के तहत डेढ़ लाख तो छूट में निकल जाएगा और सरकार ने ढाई लाख वैसे ही छूट दे दिया. एक आदमी को चार लाख तक का टैक्स जीरो कर दिया. ऐसे में उस आदमी को 3-4 लाख पर ही टैक्स देगा वो भी 5 प्रतिशत पर.

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