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दिल्ली में लगने वाला है दुनिया भर के जेम्स बॉन्ड का मेला

1984 के बाद दूसरी बार जासूसों की ग्लोबल संस्था का नई दिल्ली में एकत्रीकरण होने वाला है

Ranjita Thakur Updated On: Oct 11, 2017 10:04 PM IST

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दिल्ली में लगने वाला है दुनिया भर के जेम्स बॉन्ड का मेला

दुनिया भर के डेढ़ सौ से अधिक निजी जासूस और सुरक्षा एक्सपर्ट 12 अक्टूबर से नई दिल्ली में तीन दिन तक बंद कमरों में मौजूदा समय की बड़ी चुनौतियों पर चर्चा करेंगे. जिन महत्वपूर्ण मसलों पर ये चर्चा करेंगे उनमें साइबर सुरक्षा, नकली नोट, एंटी-करप्शन के साथ ही काले धन का मसला भी शामिल है.

इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान इन जासूसों के इन मसलों से संबंधित केंद्रीय मंत्रियों और प्रमुख नौकरशाहों से भी मिलने की उम्मीद है. यह माना जा रहा है कि 50 देशों से आने वाले ये 150 से अधिक जासूस इन मसलों पर कोई ब्लू प्रिंट बनाकर उसके सहारे मोदी सरकार को अपनी ओर से मदद का वादा भी कर सकते हैं.

1984 के बाद यह दूसरी बार होगा जब वैश्विक जासूसों, निजी सुरक्षा एक्सपर्ट और प्राइवेट इंवेस्टीगेटरों की संस्था वर्ल्ड एसोसिएशन आॅफ डिटेक्टिवस (WAD) भारत में अपनी कोई सालाना बैठक आयोजित करेगी.

WAD अपनी तरह का सबसे बड़ा संस्थान है जिसमें 80 देशों के सुरक्षा पेशेवर, निजी जांचकर्ता और निजी जासूस जुड़े हुए हैं.  यह संस्था अपने वर्कप्लेस में हाई एथिक्स की वकालत करने के साथ ही उसका पालन भी करती है. इसके साथ ही यह पेशेवरों के बीच वैश्विक साझेदारी का मंच भी देती है.

Cyber hacker 2

इस 92वें WAD सालाना कार्यक्रम की उपयोगिता इसलिए अधिक है क्योंकि भारत से संबंधित महत्वपूर्ण मामलों, जैसे काला धन, नकली नोट का चलन, भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के सामने उत्पन्न चुनौतियां, साइबर सुरक्षा के लिए खतरा पर इसमें विस्तृत चर्चा की जाएगी.

काले धन, नकली नोट पर होगी चर्चा

WAD के अध्यक्ष और कौशल विकास मंत्रालय के अंतर्गत चलने वाले सेक्योरिटी सेक्टर स्किल डेवलपमेंट काउंसिल (SSSDC) के प्रमुख  कुंवर विक्रम सिंह ने फर्स्टपोस्ट को जानकारी देते हुए कहा, '150 से ज्यादा पेशेवर, वैश्विक जांचकर्ता और जासूस एक साथ एकत्रित होंगे और हमारे सेक्टर— क्षेत्र के सामने आ रही चुनौतियों से निपटने के उपायों पर विचार करते हुए इस निष्कर्ष पर पहुंचने का प्रयास करेंगे कि इनसे निपटने के लिए किस तरह की तैयारी करें. कार्यक्रम में सुरक्षा, पुलिस, रक्षा, निजी जांचकर्ता, फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय पेशेवर एक साथ इन क्षेत्रों के समक्ष उत्पन्न हो रही वैश्विक चुनौतियों— समस्याओं पर मंथन कर उनसे निपटने का मार्ग तय करेंगे.'

संयोग यह भी है कि कुंवर विक्रम सिंह, जो सेंट्रल एसोसिएशन आॅफ प्राइवेट सिक्यूरिटी इंडस्ट्री (CAPSI) के चेयरमेन हैं, वह इस कार्यक्रम के समापन पर WAD के सबसे पहले भारतीय चेयरमैन भी चुने जाएंगे. वह इस पद को हासिल करने वाले पहले भारतीय पेशेवर जासूस होंगे.

दिल्ली के इस कार्यक्रम में मौजूदा समय के महत्वपूर्ण मसलों पर विस्तृत चर्चा होगी. इसमें साइबर सिक्यूरिटी एंड द डार्क वेब, एंटी करप्शन पार्टनरशिप, थ्रेट टू द सिक्यूरिटी इंवायरमेंट एंड रोल आॅफ इंटरपोल, डूइंग बिजनेस इन इंडिया—आॅप्यूरच्युनिटी एंड चैलेंजेस जैसे मसलों पर राउंड टेबल चर्चा भी होगी. जिसमें संंबंधित विषय के वैश्विक पेशेवर अपने विचार साझा करेंगे.

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