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यूपी: पिता के पास नहीं थे बैल खरीदने के पैसे, बेटियों ने जोता खेत

किसान अच्छेलाल ने कहा 'हम तिल को बोने का इंतजार कर रहे हैं. हमने अच्छी बारिश की उम्मीद के साथ यह काम खुद ही करने का फैसला किया है.'

Updated On: Jul 01, 2018 08:59 PM IST

FP Staff

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यूपी: पिता के पास नहीं थे बैल खरीदने के पैसे, बेटियों ने जोता खेत

किसानों को लुभाने के लिए योजनाओं और कर्ज माफी की घोषणाएं तो अकसर सुर्खियों में रहती हैं. इससे दूर बैठे हमें लगता है कि किसानों के हालात में सुधार भी हो रहा है, लेकिन ऐसा नहीं है. एक तस्वीर, जो एक बार फिर आपको किसानों के हालात पर सोचने को मजबूर कर देगी.

झांसी के मौरानीपुर में गरीबी की मार से जूझ रहे 60 वर्षीय किसान अच्छेलाल अहरवार के पास ट्रैक्टर और बैल खरीदने के पैसे नहीं थे जिसके बाद उसकी दोनों बेटियों 13 वर्षीय रवीना और 10 वर्षीय शिवानी ने खेत की जुताई की.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, अच्छेलाल ने कहा 'हम तिल को बोने का इंतजार कर रहे हैं. हमने अच्छी बारिश की उम्मीद के साथ यह काम खुद ही करने का फैसला किया है. हमें उम्मीद है कि इस बार अच्छी बारिश होगी. हमने ऐसा पहले कभी नहीं किया है.'

गांव के किसान नेता रामधार निषाद ने बताया 'उनके पास कोई दूसरा रास्तान नहीं है.'

अन्य किसान नेता शिवनारायण सिंह परिहार ने बताया 'अच्छेलाल अपनी बीवी और दो लड़कियों के साथ कच्चे मकान में रहता है. उनकी चार बेटियों की शादी हो चुकी है.'

अच्छे लाल ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया 'मेरे पास सफेद राशन कार्ड है, जिसपर उसे परिवार के प्रत्येक व्यक्ति के लिए 5 किलोग्राम गेहूं मिलात है. हमें लाल राशन कार्ड दिया जाए जिससे हमे हाउसिंग, टॉयलेट स्कीम का लाभ मिल सके.'

उन्होंने बताया 'मैंने तहसील दिवस पर अपनी बात रखी थी. हालांकि अभी तक मुझे किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं मिला है.' इस मौके पर DM, SDM और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे.

निषाद ने बताया 'अच्छेलाल ना सिर्फ गरीब है बल्कि उसपर 1.5 लाख रुपए का कर्ज भी है. उसके और उसके परिवार के पास पहनने के लिए एक ही कपड़े हैं जो उसे गांव वालों ने दान में दिए थे. ग्रामीण भी समय-समय पर उसे अनाज या कुछ अन्य फसल उपज दान करते हैं.'

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