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लोया मौत मामला: हाईकोर्ट जज बोले, ऐसा कुछ नहीं जिससे शक हो

बॉम्बे हाईकोर्ट के यह दोनों जज बृजमोहन हरिकिशन लोया के निधन के समय उनके साथ अस्पताल में मौजूद थे

Updated On: Nov 27, 2017 10:38 AM IST

FP Staff

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लोया मौत मामला: हाईकोर्ट जज बोले, ऐसा कुछ नहीं जिससे शक हो

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस और सीपीएम ने सीबीआई के स्पेशल जज बृजमोहन हरिकिशन लोया की मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस ए पी शाह ने भी ऐसी ही मांग उठाई है.

उन्होंने यह मांग पिछले हफ्ते कारवां मैगजीन में छपी उस रिपोर्ट के बाद उठाई है, जिसमें लोया की बहन और उनके पिता ने उनकी मौत के पीछे गहरी साजिश की आशंका जताई थी. दिवंगत लोया के परिवार वालों ने अपने इंटरव्यू में दावा किया था कि सुनवाई के दौरान लोया को रिश्वत देने और धमकी देने के भी प्रयास किए गए थे.

जस्टिस लोया 2005 में हुए सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले में सुनवाई कर रहे थे. 48 साल के बृजमोहन हरिकिशन लोया का नागपुर में 1 दिसंबर, 2014 को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था. मौत से एक दिन पहले लोया अपने एक साथी जज स्वपना जोशी की बेटी की शादी समारोह में शरीक हुए थे. स्वपना अब बॉम्बे हाईकोर्ट में जज हैं.

कारवां में छपी रिपोर्ट के बाद अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम का नाट्य रूपांतरण करते हुए अस्पताल के रिकॉर्ड को खंगाला, लोया के परिवारवालों से बात करने के अलावा नागपुर, मुंबई और लातूर जाकर चश्मदीदों से बातचीत की. अखबार ने लोया का इलाज करने वाले डॉक्टरों से भी बात की, पुलिस अधिकारियों और अस्पताल में उस दौरान मौजूद बॉम्बे हाईकोर्ट के दो मौजूदा जजों से भी इस संबंध में बातचीत की.

बॉम्बे हाईकोर्ट के दोनों जजों भूषण गवई और सुनील शुक्रे ने बताया कि उस दिन वो अस्पताल गए थे. और उन्होंने ही पार्थिव शरीर को ले जाने के लिए गाड़ी की व्यवस्था की थी. ऐसी कोई बात नहीं थी जिससे मौत की वजह को लेकर शक पैदा हो.

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