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ट्रेनों की लेट-लतीफी को रोकने की एक कोशिश,'फर्स्ट कम फर्स्ट गो' के आधार पर चलें ट्रेनें

रेलवे की इन कोशिशों की वजह से पंचुअलिटी में थोड़ा सुधार भी देखने को मिला है. जहां एक महीने पहले महज़ 60-62 फीसदी ट्रेनें समय पर चल रही थीं वहीं आज 72 फीसदी ट्रेनें समय पर चल रही हैं

Bhasha Updated On: Aug 03, 2018 09:08 PM IST

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ट्रेनों की लेट-लतीफी को रोकने की एक कोशिश,'फर्स्ट कम फर्स्ट गो' के आधार पर चलें ट्रेनें

रेलवे ने शुक्रवार को सभी ज़ोन से कहा है कि ट्रेनों को फर्स्ट कम फर्स्ट गो, यानि पहले आओ पहले जाओ के आधार पर चलाया जाए. ताकि ट्रेनों को लेट होने से बचाया जा सके. मसलन आनंद विहार स्टेशन से 5 गरीब रथ ट्रेनें चलती हैं. इन सभी ट्रेनों का कम्पोजीशन यानि कोच की संख्या इत्यादि समान है. ऐसे में कोई ट्रेन पहले पहुँचती है तो इसे उस गरीब रथ के नाम से वापस भेजा जाए जिसकी वापसी का समय सबसे पहले हो.

इस तरह की कवायद से ट्रेनों को लेट होने से बचाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा ये भी कहा गया है कि अगर कोई ट्रेन 5 घंटे लेट पहुँची हो तो उसे वापस 5 घंटे लेट भेजने की जगह जल्द से जल्द रवाना किया जाए ताकि बार बार ट्रेनें लेट न हों.

दरअसल ट्रेनों के लगातार लेट चलने से हो रही किरकिरी की वजह रेलवे काफ़ी परेशान है. इस मुद्दे को लेकर बार-बार मीटिंग का दौर भी जारी है. शुक्रवार को ट्रेनों की पंचुअलिटी पर भी एक मीटिंग बुलाई गई. इसमें रेल बोर्ड के मेंबर ट्रैफिक के अलावा 5 जोन के मुख्य परिचालन प्रबंधक यानी COM और CPTM शामिल हुए. ये वही ज़ोन हैं जहां की पंचुअलिटी सबसे ख़राब है. इनमें northern railway, north central railway, north eastern railway, east central railway और eastern railway शामिल है.

रेलवे की इन कोशिशों की वजह से पंचुअलिटी में थोड़ा सुधार भी देखने को मिला है. जहां एक महीने पहले महज़ 60-62 फीसदी ट्रेनें समय पर चल रही थीं वहीं आज 72 फीसदी ट्रेनें समय पर चल रही हैं.

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