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AAP के तीन साल: दृश्य और अदृश्य शक्तियों के बीच क्यों फंस गए सीएम?

सरकार के तीन साल पूरे होने पर दिल्ली के सीएम के संदेश की एक लाइन को लेकर विवाद हो गया है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Feb 13, 2018 04:48 PM IST

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AAP के तीन साल: दृश्य और अदृश्य शक्तियों के बीच क्यों फंस गए सीएम?

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली अरविंद केजरीवाल की सरकार आज तीन साल पूरा कर रही है. सरकार के तीन साल पूरा होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को दिल्ली के कई इलाकों में जश्न मनाने की तैयारी चल रही है. लेकिन, दिल्ली सरकार के इस जश्न को उसके ही कुछ अधिकारियों ने किरकिरा कर दिया है. दिल्ली सरकार के तीन साल पूरे होने पर टीवी चैनलों पर चलने वाले सीएम अरविंद केजरीवाल के एक संदेश को दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने रोक दिया है. इस संदेश में अरविंद केजरीवाल की एक लाइन पर अधिकारियों ने आपत्ति जताई है.

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की अपने ही अधिकारियों से अदावत कोई नई बात नहीं है. पहले भी कई मौकों पर अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की अफसरशाही में बवाल कट चुका है. लेकिन, दिल्ली सरकार के तीन साल पूरे होने पर भी इस तरह का विवाद होगा, ये किसी ने नहीं सोचा होगा.

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल के एक संदेश ने अधिकारियों और सरकार में तकरार पैदा कर दी है. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के एक संदेश पर आपत्ति जताते हुए इसे प्रसारित करने से साफ इनकार कर दिया. दिल्ली सरकार के इन अधिकारियों की इस तरह की नाफरमानी पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने गंभीर आपत्ति जताई है.

Delhi CM calls a press conference

अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के मुख्य सचिव से शिकायत दर्ज कराई है. मुख्यमंत्री के संदेश की जिस एक लाइन पर अधिकारियों ने आपत्ति जताई थी वह लाइन है, 'जब आप सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलते हैं तो ब्रह्मांड की सारी दृश्य और अदृश्य शक्तियां भी आपकी मदद करती हैं.'

मुख्यमंत्री के संदेश में इस लाइन को अधिकारियों ने प्रसारित करने से पहले ही हाथ खड़े कर लिए. इस मसले पर दिल्ली सरकार के किसी भी अधिकारी ने कुछ भी बोलने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है. सुनी सुनाई बातों पर यकीन करें तो ऐसा कहा जा रहा है कि इस मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल और दिल्ली सरकार के अधिकारियों के बीच खूब बहस भी हुई.

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इस लाइन को लेकर अधिकारी बार-बार अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का हवाला दे रहे थे. अरविंद केजरीवाल की वह विवादित लाइन को कौन सा विभाग क्लियर करेगा, यही पता नहीं चल रहा था. अधिकारियों का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के मुताबिक जब इस तरह का कोई संदेश ऑन एयर करना होता है तो अधिकार उसका फैक्ट चेक करते हैं. लेकिन अरविंद केजरीवाल के संदेश में 'दृश्य और अदृश्य' शक्तियों का फैक्ट चेक कैसे किया जा सकता है?

दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली सरकार के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के सभी विधानसभा क्षेत्रों में विकास यात्रा निकालने की शुरुआत कर दी है. इस विकास यात्रा के दौरान आप सरकार दिल्ली में किए गए अपने कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचा रही है. वहीं दूसरी तरफ सरकार की तरफ से भी अरविंद केजरीवाल के संदेश को प्रसारित कर यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि ये सरकार अपने दम पर ही तीन साल तक दिल्ली में विकास की धारा प्रवाहित करती रही जबकि केंद्र सरकार की तरफ से उसे किसी भी प्रकार की कोई मदद नहीं मिली.

दिल्ली सरकार और खासकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पिछले दो सालों से इस मौके पर टीवी चैनलों के माध्यम से जनता को संदेश देते रहे हैं. इस साल भी अरविंद केजरीवाल का संदेश चलाने की पूरी तैयारी थी, लेकिन अरविंद केजरीवाल की एक लाइन को लेकर विवाद खड़ा हो गया.

टीवी चैनल पर जो संदेश चलने थे, उसमें अरविंद केजरीवाल कहते हैं, ‘बीते तीन सालों में दिल्ली में भ्रष्टाचार में भारी कमी आई है. दिल्ली सरकार पूरी ईमानदारी से काम कर रही है. बाधाएं भी बहुत आई इसमें, लेकिन ईश्वर ने हर कदम पर साथ दिया. जब आप सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलते हैं तो ब्रह्मांड की सारी दृश्य और अदृश्य शक्तियां भी आपकी मदद करती हैं.’

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सूत्र बताते हैं कि सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इस मुद्दे को लेकर काफी बहसा-बहसी हुई. बैठक में विवादित लाइन को लेकर सीएम को किसी भी अधिकारी का साथ नहीं मिला. अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए विवादित लाइन को हटाने की बात सीएम से कही, लेकिन सीएम वह लाइन हटाने को बिल्कुल तैयार नहीं हुए.

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दिल्ली सरकार के ही अधिकारियों के द्वारा संदेश प्रसारित नहीं करने के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी इस मैसेज को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने में जुट गई है. अरविंद केजरीवाल का यह संदेश बीते 10 फरवरी को लोगों के बीच प्रसारित किया गया था. इस संदेश में अरविंद केजरीवाल ने जो लाइन बोली है वह काफी हद तक अभिनेता अक्षय कुमार और परेश रावल की फिल्म ‘ओह माय गॉड’ से मिलती जुलती है.

दिल्ली की आप सरकार हर साल उपलब्धियां गिनाने के नाम पर एक वीडियो मैसेज रिकॉर्ड करवाती रही है. दिल्ली सरकार के तय निर्देशों के मुताबिक कुछ विभागों से विज्ञापन को वेरिफाई कराने होते हैं लेकिन इस बार अधिकारियों ने इसे वेरिफाई करने से साफ तौर से इनकार कर दिया है जिसके बाद तनातनी का ये दौर शुरू हो गया है.

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