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कुछ बदलाव के साथ दोबारा रिकॉर्ड होगी भगवान अयप्पा की लोरी

मलयालम गीत के संस्कृत संस्करण ‘हरिवर्षनम्’ को रोज रात में ‘उराक्कू पाट्टू’ के तौर पर मंदिर में बजाया जाता है

Bhasha Updated On: Nov 19, 2017 06:10 PM IST

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कुछ बदलाव के साथ दोबारा रिकॉर्ड होगी भगवान अयप्पा की लोरी

दक्षिण भारत के प्रसिद्ध सबरीमाली मंदिर की देखरेख करने वाला त्रावनकोर देवास्वम बोर्ड (टीडीबी) रोज रात के वक्त भगवान अयप्पा को सुलाने के लिए गाई जाने वाली लोरी को कुछ बदलाव के साथ दोबारा रिकॉर्ड करने की तैयार कर रहा है.

मलयालम गीत के संस्कृत संस्करण ‘हरिवर्षनम’ को रोज रात में ‘उराक्कू पाट्टू’ (लोरी) के तौर पर मंदिर में बजाया जाता है.

टीडीबी इस गाने में वह शब्द जोड़ना चाहता है जो मूल संस्करण में है लेकिन वर्तमान गीत में नदारद है. इससे अलावा वह इस लोरी में एक शब्द के गलत उच्चारण को भी ठीक करना चहता है.

बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष ए पद्मकुमार ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘हम चाहते हैं कि इस गाने को मूल रचना के अनुसार गाया जाए... इसके अलावा हम इसमें एक शब्द के उच्चारण में सुधार भी चाहते हैं.’ यूं तो ‘हरिवर्षनम्’ के अनेक संस्करण हैं लेकिन मशहूर गायक के जे येशुदास द्वारा गाए गए और के देवराजन द्वारा तैयार किए इस भजन को दशकों से बजाया जा रहा है.

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